ललितपुर। थाना जाखलौन क्षेत्र अंतर्गत ग्राम धौर्रा-पिपरई में घर में सो रहे एक ग्रामीण की सांप के डसने से मौत हो गई। झाड़फूंक के चक्कर में इलाज में भी देरी कर दी, बाद में इलाज के लिए तो लाए, लेकिन इलाज के दौरान ही फिर से झाड़फूंक के लिए ले गए। इसी देरी में ग्रामीण की जान चली गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ग्राम धौर्रा-पिपरई निवासी बटोले (38 वर्ष) पुत्र कढ़ोरे सहरिया बृहस्पतिवार को अपने कच्चे मकान में सो रहा था। आधी रात के बाद करीब दो बजे सोते समय उसे सर्प ने काट लिया, जिससे वह जोर से चीखने चिल्लाने लगा। उसकी आवाज सुनकर अन्य परिजन जाग गए, जिस पर उसने सर्प के काटने की बात बताई। जिस पर परिजन पहले उसे झाड़फूूंक व सर्प का जहर निकलवाने के लिए देवगढ़ गांव में ले गए, जहां लाभ नहीं मिलने पर वह उसे सुबह जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरु कर दिया। अभी इलाज चल ही रहा था, लेकिन इसी दौरान किसी ने परिजनों को तेरा गांव में सर्प का जहर निकालने की बात कही, जिस पर परिजनों ने बटोले को उठाया और तेरा गांव ले गए, जिसके चलते उसका जिला चिकित्सालय में सही इलाज भी नहीं हो पाया, जबकि चिकित्सकों ने परिजनों ने पूरा इलाज कराने की सलाह भी दी, लेकिन वह उसे लेकर तेरा गांव चले गए। जब तक परिजन उसे लेकर तेरा गांव पहुंचे, उसकी हालत और अधिक बिगड़ गई। जिस पर परिजन फिर से उसे वापस जिला अस्पताल लेकर भागे। जिला चिकित्सालय पहुंचने पर चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी मिलने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई हरीसिंह ने बताया कि उसका भाई बटोले लकड़ी बेचकर परिवार का भरण पोषण करता था। आगे बताया कि मृतक के चार लड़की व एक लड़का है।