बेतवा रिबर बोर्ड की जमीन पर निर्माण की जांच हो
- डूब क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी दी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बुधवार को राजघाट बांध डूब क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर राजघाट बांध डूब क्षेत्र के गांवों को मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही बेतवा रिबर बोर्ड की जमीन पर अधिकारियों द्वारा बनाए गए निर्माण की जांच कराए जाने की मांग की है। मांगे पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ज्ञापन में बताया है कि राजघाट बांध परियोजना का कार्य 1978 में शुरू हुआ था। 39 वर्षों के में भी अब तक मुआवजा का पूरा भुगतान नहीं किया जा सका है। सरकारी नौकरियों में डूब क्षेत्र के निवासियों को भर्ती नहीं किया गया है, जो भर्ती हुए भी उन्हें पेंशन सुविधा आदि सुविधाओं से वंचित रखा गया है। इसके अलावा रानीपुर व चौंरसल में बाकी जमीन को भी अधिग्रहण करने की मांग की है। वन विभाग पर मुकदमे चलाने के नाम पर परेशान करने का भी आरोप लगाया है। ललितपुर जिला के ग्राम रानीपुरा, चौरसल, काला पहाड़, मड़वारी, गुदावल, बुढ़वार, फौजपुरा, शेरवास, दावनी, नुनावली, बरदेही, बारौद, जाखलौन व अन्य ग्रामों का मुआवजा मिलना अब भी बाकी है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के भी कई गांव का मुआवजा अब तक नहीं मिल सका है। बेतबा रिबर बोर्ड में बिना प्रशिक्षण के सुपरवाइजरों से अमीन का काम करते हैं। साथ ही बेतवा रिबर बोर्ड के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप भी लगाए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही उनकी समस्या का निस्तारण नहीं होता है तो वे न्यायालय जाने को विवश होंगे।