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रुठे इंद्रदेव को मनाने पंडवन में हवन, पूजन शुरु

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रूठे इंद्रदेव को मनाने के लिए पंडवन में अनुष्ठान शुरु
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250 फुट ऊंचे धार्मिक स्थल से किया बारिश का आह्वान
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बारिश की बेरुखी से ग्रामीण किसानों को खेती-बाड़ी की चिंता सता रही है, जिसके चलते जनपद व सीमा से लगे मध्य प्रदेश के करीब 27 गांव के हजारों ग्रामीण धार्मिक व पर्यटन क्षेत्र महत्व के स्थान पंडवन में हवन-पूजन के साथ ही अखंड धुन कर रहे हैं। अखंड धुन में सैकड़ों महिलाएं भी शामिल होकर ढाई सौ फुट ऊंचे उक्त धार्मिक स्थल से बारिश का आह्वान कर रही हैं। विंध्यांचल पर्वत शृंखला पर स्थित जामनी नदी के किनारे करीब दो सौ फुट ऊंची पहाड़ी पर स्थित प्राचीन पांडव सिद्ध क्षेत्र की बड़ी धार्मिक मान्यता है। यहां मान्यता है कि यह क्षेत्र महाभारतकालीन पांडवों की तपो भूमि रहा है। इस क्षेत्र में कभी भूख-प्यास का काल नहीं पड़ा। इस वन क्षेत्र में सैकड़ों त्यागी संतों ने तपस्या की। पांडव वन के दर्शनों के बाद हजारों की संख्या में श्रद्धालु व जीव-जंतु कुंड का जल ग्रहण कर अपनी प्यास बुझाते हैं, यह जल इस कुंड में साल भर भरा रहता है। इस कुंड के बारे में यह भी किंवदंती है कि इस कुंड से किसान जल ले जाकर अपने खेतों की मेड़ बंधी पर चारों ओर डाल देते हैं, जिससे उन खतों की फसलों में लगे रोग दोषी सब दूर हो जाते हैं। आस्था का केंद्र पंडवन अपने प्राकृतिक और धार्मिकता के लिए काफी विख्यात है। आषाढ़ मास में परंपरागत रूप से अच्छी बारिश के लिए क्षेत्रवासियों द्वारा यहां अखंड धुन की शुरूआत की है। लोगों ने परंपरा को निभाते हुए देवी-देवताओं को प्रसन्न कर अच्छी बारिश की कामना की। साथ ही यहां महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में अलग मंडली बनाकर अखंडधुन में शामिल होकर बारिश का आह्वान किया। यहां अखंड धुन का आयोजन महंत राजेश्वरानंद महाराज के तत्वावधान में किया जा रहा है। यह अखंडधुन यहां पंडवन स्थित मंदिर में करीब पांच दिन से चल रही है। हालांकि राहत की बात यह है कि क्षेत्र में रुक रुक कर ही सही बारिश शुरू होने से लोगों को अब अच्छी बारिश की उम्मीद जाग गई है। ,
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