जिले में चौतरफा हो रहा बालू का अवैध खनन
खनिज विभाग के अधिकारी व थानेदार खनन को रोकने में लाचार हो रहे साबित
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
सूबे में सत्ता परिवर्तन हुए व योगी की सरकार बने हुए एक वर्ष बीत गया है, सरकार की तमाम सख्ती के बाद भी अधिकारियों व प्रशासन की कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया है। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशन के बाद में जनपद में अवैध खनन पर रोक नहीं लग पाई है, केवल रात के अंधेरे में ही नहीं बल्कि दिन में बेखौफ व धड़ल्ले से जनपद में चौतरफा नदी नालों से अवैध तरीके से बालू निकाली जा रही है। वहीं, खनिज विभाग व पुलिस प्रशासन का हमेशा की तरह अंजान बनने का ड्रामा भी जारी है।
खनिज विभाग ने शासन के निर्देशन पर हाल ही में बालू के खनन के लिए जनपद में पांच बालू घाटों को पट्टा कर दिया है, लेकिन जनपद में लंबे समय से हो रहे बालू के खनन पर विभागीय अधिकारी व पुलिस प्रशासन दोनों ही अभी तक अंकुश नहीं लगा पाए हैं। वर्तमान में जनपद के लगभग चारों ओर सभी क्षेत्रों में नदी-नालों से बालू का अवैध खनन किया जा रहा है। खनन माफिया बिना किसी खौफ के न केवल बालू का खनन कर रहे हैं, बल्कि बिना किसी डर के खुलेआम ट्रैक्टर-ट्रॉली व ट्रकों से अवैध बालू का खनन करके बेच भी रहे हैं। इससे खनिज विभाग व शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है और बालू पट्टा धारकों को भी हानि पहुंच रही है। थाना जखौरा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश व मध्यप्रदेश की सीमा पर ग्राम किसलवास में बेतवा नदी से भारी मात्रा में बालू का अवैध खनन किया जा रहा है। हर रोज आधा सैंकड़ा से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली व डंपरों से बालू चोरी की जा रही है। जानकारों की मानें तो यहां पर काफी बड़े स्तर पर चल रहा यह अवैध खनन सत्ता धारी नेताओं के संरक्षण में हो रहा है। इसी तरह कोतवाली महरौनी क्षेत्र में ग्राम भौरंट में जामनी नदी से काफी बड़े स्तर भी बालू का खनन हो रहा है और इसी क्षेत्र में ग्राम बारचौन में भी काफी समय समय से खनन किया जा रहा है। तालबेहट क्षेत्र में पूराकलां व बार क्षेत्र में सेमरा डांग आदि क्षेत्रों में बालू का खनन जारी है।
जिला मुख्यालय पर भी हो रहा खनन
जनपद के केवल ग्रामीण इलाकों में ही नहीं बल्कि जिला मुख्यालय पर भी बालू का अवैध खनन जारी है। गोविंद सागर बांध से निकली शहजाद नदी में से बालू चोरी की जा रही है। राजकीय महाविद्यालय के आगे शहजाद नदी से बालू निकाली जा रही है। केवल यही नहीं जिला मुख्यालय से तीन-चार किलोमीटर की दूूरी पर ही इसी शहजाद नदी से ग्राम रजवारा में पिछले कई दिनों से खुलेआम खनन किया जा रहा है, जो खनिज विभाग के संज्ञान में भी है। लेकिन इसपर रोक नहीं लग सकी है। जिला मुख्यालय से सटे हुए ग्राम कल्यानपुरा में पिछले कई महीनों से बालू का अवैध खनन हो रहा है।
अफसर, पुलिस व नेता सभी का मिल रहा संरक्षण
जिले की आम जनता को पता है कि जनपद में कहां-कहां अवैध खनन किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी व अफसर इससे अनजान बने हुए है। वहीं संबंधित क्षेत्र की पुलिस भी इन अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है और जनपद में हो रहे अवैध खनन के खिलाफ सत्ता दल का कोई नेता व जनप्रतिनिधि आवाज नहीं उठाता है, इसका साफ मतलब है कि बालू के अवैध खनन को अफसरों, पुलिस व सत्ताधारी नेताओं को पूरा संरक्षण मिल रहा है। अधिकांश क्षेत्र में जो बालू चोरी की जा रही है उसमें गांव का प्रधान या फिर प्रधान के परिजन की संलिप्तता जरूर है, कार्रवाई के दौरान कई बार इसका खुलासा भी हुआ है। महरौनी के ग्राम बारचौन में पुलिस व प्रधान के बीच अवैध खनन के कारोबार में मेल नहीं खाने पर पिछले माह विवाद भी हुआ था। इसमें ग्राम प्रधान ने पुलिस अधिकारी पर 40 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था और पुलिस अधिकारी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि अवैध खनन करने से रोकने पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है। वहीं, कल्यानपुरा में भी एक माह पूर्व दिखावा करने के लिए कार्रवाई की गई थी, लेकिन वर्तमान में भी खनन रुका नहीं है।
निरंतर की जा रही है कार्रवाई
जनपद में अवैध खनन की जहां-जहां सूचना मिल रही है, वहां कार्रवाई की जा रही है। विगत दिनों अवैध खनन का परिवहन कर रहे कुछ वाहनों को पकड़ा भी गया है। यह कार्रवाई आगे लगातार जारी रहेगी।
- आरपी सिंह, जिला खनिज अधिकारी, ललितपुर।