खरीफ गोष्ठी में किसानों को बताए खेती के गुर
कल्यानपुरा मॉडल अनुरूप दुधई, बंगरिया, पुलवारा, कारी पहाड़ी, गिरार, अमझरा में बनेगा गौवंश आश्रय स्थल
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। चंद्रशेखर उद्यान पार्क में प्रदेश के राज्यमंत्री के आतिथ्य में हुई गोष्ठी में किसानों को उन्नत और आधुनिक खेती के प्रेरित किया गया। इस दौरान मंत्री सहित अधिकारियों ने लगे स्टालों का अवलोकन किया।
डीएम मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में खरीफ उत्पादकता गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें सर्वप्रथम मुख्य अतिथि राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ ने दीप प्रज्ज्वलन कर मेले का उद्घाटन किया। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम कल्यानपुरा में गोवंश आश्रय स्थल बनाया गया है जो कि मॉडल है। इसी के अनुरूप दुधई, बंगरिया, पुलवारा, कारी पहाड़ी, गिरार, अमझरा में गोवंश आश्रय स्थल का कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से विभागीय योजनाओं एवं कृषि तकनीक की जानकारी दी। इनमें कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक दिनेश कुमार द्वारा बुवाई से पहले भूमि शोधन, बीज शोधन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। कृषि अधिकारियों ने कहा कि कृषक खरपतवार से मुक्ति हेतु खेत की दो जुताई पहले से कर लें, तत्पश्चात कंपोस्ट खाद व हरी खाद का प्रयोग कर भूमि शोधन करें। कृषक भाई जनपद के रिकमेंडेड एवं गुणवत्तापूर्ण बीज का प्रयोग करें। मृदा परीक्षण अवश्य कराएं तथा मानक के अनुसार उर्वरक का प्रयोग करें। साथ ही रसायन कृषक वैज्ञानिक एवं कृषि तकनीकी सहायक से सलाह लेकर ही प्रयोग करें और उन्हें अवश्य बतायें कि खेत में चौड़ी पत्ती या संकरी पत्ती वाली खरपतवारनासी है, जिससे वह रिकमेंडेड रसायन आपको उपलब्ध करा सकें। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. एसके शाक्य द्वारा पशुओं को धूप से बचाने की बात कही गई। यदि गर्मियों में पशु हांफकर गिर जाते हैं या मुंह से छाग आते हैं तो उन्हें ठंडे पानी में बोरे को भिगोकर शरीर को ढाक दें, जिससे शीघ्र पशु को आराम हो जायेगा। साथ ही कृषकों को सलाह दी गयी कि कृत्रिम गर्भाधान अवश्य करायें ताकि पशुओं का नश्ल सुधार हो सके। इसके पश्चात जिला उद्यान अधिकारी सुघर सिंह द्वारा फलों-फूलों शिमला मिर्च, आंवला, अमरुद, नीबू के लागत एवं अनुदान के बारे में जानकारी दी गयी। उप कृषि निदेशक संतोष कुमार सविता द्वारा खरीफ फसल की तैयारी एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। बताया गया कि जनपद में अच्छे किस्म के बीज एवं उर्वरक व रसायन की उपलब्धता माहवार सुनिश्चित कर ली गयी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2018 में बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2018 है। कृषक अपना बीमा अवश्य करायें। कृषक प्रतिनिधि राजपाल द्वारा राजकीय नलकूप प्रत्येक विकासखंडों में लगाये जाने की मांग की गयी। किसान नेता लाखन सिंह ने मांग रखी कि केसीसी बनाये जाने हेतु पूर्ण पारदर्शिता बरती जाये तथा बैंक में दलाली प्रथा रोकने हेतु सख्त कार्रवाई की जाये। वहीं किसान नेता केहर सिंह बुंदेला एवं नवनीत शर्मा द्वारा खरीफ एवं रबी का बीमा क्लेम निर्धारित समयानुसार कृषकों को प्राप्त कराने की मांग रखी एवं जनपद को सूखा घोषित कराया जाये तथा जाखलौन पंप कैनाल की लीकेज ठीक कराया जाये। जिलाधिकारी द्वारा कृषकों द्वारा उठायी गयी समस्याओं एवं शिकायतों का निस्तारण शीघ्र कराने का आश्वासन दिया गया। मनरेगा योजनांतर्गत चारागाह, बंदी, कूप के गहरीकरण, तालाब आदि दिखने वाले कार्य कराये जायेंगे। मौके पर सोबरन सिंह, पाचौनी एवं ग्राम प्रधान मर्हरा भैयन यादव द्वारा 11-11 हजार रुपए का चेक प्राप्त कराकर सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौबे, जिलाध्यक्ष भाजपा रमेश सिंह लोधी तथा कृषक प्रतिनिधि लखनलाल त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।
किसान नेताओं ने निकाली भड़ास
गोष्ठी में किसान नेताओं ने व्याप्त भ्रष्टाचार पर जमकर भड़ास निकाली। एक नेता ने सफाई कर्मियों को अधिकारियों के यहां सम्बद्घ करने पर ऐतराज जताया तो एक अन्य नेता ने कृषि योजनाओं में व्याप्त गड़बड़ियों की जांच कराने की मांग की है।