संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। तीन चार दिनों से हो रही बारिश के चलते राजघाट बांध में बेतवा नदी के जरिये पानी की आवक ज्यादा हो रही है। जलस्तर सामान्य रखने के लिए रविवार को बांध के 12 गेट खोलकर करीब दो लाख क्यूसेक पानी की निकासी शुरू की गई। नौ अन्य बांधों के भी गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा गया।
इन दिनों झमाझम बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया है। नदी, नाले, तालाब, पोखर लबालब हैं। नदियां उफान मारकर बह रही हैं। बेतवा नदी भी उफान पर है। इस कारण बेतवा पर निर्मित राजघाट बांध में जलस्तर बढ़ने लगा। रविवार को राजघाट बांध के 12 गेट खोलकर पानी छोड़ा जाने लगा। निचले इलाके में बेतवा नदी पूरे उफान पर बहने लगी। निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया। लोगों से नदी के किनारे न जाने देने की अपील की गई।
उटारी बांध के पांच गेट खोलकर 1550 क्यूसेक, गोविंद सागर बांध के आठ गेट खोलकर 2240 क्यूसेक, शहजाद बांध से 12766 क्यूसेक, भावनी बांध से 15852 क्यूसेक, रोहिणी बांध से 600 क्यूसेक, लोअर रोहिणी बांध से 800 क्यूसेक, कचनौदा बांध से 4882 क्यूसेक, जामनी बांध से चार हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
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राजघाट-चंदेरी पुल डूबा, आवागमन बंद
राजघाट बांध से दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला पुल डूब गया। इससे एमपी के चंदेरी की ओर जाने वाले वाहनों की रफ्तार थम गई। छोटे वाहन और राहगीर राजघाट बांध के ऊपर से चंदेरी की ओर जा रहे हैं। राजघाट पर पुल के किनारे चौकी पुलिस तैनात है, जबकि दूसरी ओर एमपी के चंदेरी थाने की पुलिस तैनात है।
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बारिश से बेतवा नदी के जरिये राजघाट बांध में पानी की आवक ज्यादा हो रही है। बांध के 12 गेट खोलकर दो लाख क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। निचले क्षेत्रों में अलर्ट घोषित कर नदी किनारे न जाने की अपील की गई है।
इंजी. नरेंद्र राजपूत, अवर अभियंता राजघाट बांध