राजस्व ग्रामों की खतौनी पुनरीक्षण और अंश निर्धारण होगा
फसली वर्ष 1426 के लिए जिलाधिकारी से मिली स्वीकृति
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। राजस्व ग्रामों की खतौनी के पुनरीक्षण व खतौनी में अंकित प्रत्येक खातेेदार/सहखातेदार के गाटों के अंश का निर्धारण करने के लिए निर्धारित की गई समय सारणी के अनुसार खतौनी पुनरीक्षण और अंश निर्धारण कार्यक्रम संचालन शुरू करने की स्वीकृति प्रभारी जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने प्रदान कर दी है और इसके लिए कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 31 की उपधारा दो एवं उप्र राजस्व संहिता नियमावली के नियम 28 के उप नियम एक में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए प्रभारी जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने निर्धारित की गई तालिका सूची में उल्लिखित राजस्व ग्रामों की खतौनी के पुनरीक्षण व खतौनी में अंकित प्रत्येक खातेदार/सहखातेदार के गाटों के अंश का निर्धारण करने को खतौनी पुनरीक्षण एवं अंश निर्धारण कार्यक्रम का संचालन प्रारंभ करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके तहत राजस्व ग्रामों की खतौनी के पुनरीक्षण और उसमें दर्ज खातेदारों/सहखातेदारों के अंश निर्धारण के लिए सूचना का प्रकाशन कराए जाने के बाद 31 जून तक खतौनी में खातावार और गाटा नंबरवार अंश को प्रारंभिक रूप से सहखातेदारों एवं ग्राम राजस्व समिति के परामर्श से लेखपाल द्वारा आकार पत्र तैयार किए जाना है। लेखपालों द्वारा खतौनी में सहखातेदारों के गाटा नंबरवार प्रस्तावित अंश के उद्घरण को आकार पत्र तैयार किए जाने और राजस्व निरीक्षक द्वारा समस्त खातेदारों व सहखातेदारों को आसी प्रपत्र-8 में नोटिस जारी कर लेखपाल के माध्यम से एक अगस्त से 31 अगस्त तक तामील कराया जाएगा। सहखातेदार व सहखातेदार द्वारा प्रारंभिक रुप से किए गए अंश के निर्धारण के विरुद्घ आपत्ति/ शुद्घिकरण के लिए आकार पत्र विवरण अंकित करते हुए यथावश्यक अभिलेखों/प्रमाणों सहित संबंधित लेखपाल या राजस्व निरीक्षक या रजिस्ट्रार कानूनगो को एक सितंबर से 30 सितंबर तक प्राप्त कराया जाएगा। राजस्व निरीक्षक द्वारा ग्राम राजस्व समिति से परामर्श, स्थानीय जांच पड़ताल एवं पक्षों के मध्य सुलह-समझौते के आधार पर एक अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक आपत्तियों का निस्तारण कर अंश निर्धारण आदेश पारित करना होगा। खातेदार/सहखातेदार की अनिस्तारित आपत्तियों को एक नबंवर से 15 नबंवर तक राजस्व संहिता की धारा 116 के अंतर्गत एसडीएम को निर्णय के लिए अग्रसारित करना होगा। उक्त खतौनी पुनरीक्षण एवं अंश निर्धारण कार्यक्रम हेतु राजस्व ग्रामों की फसली वर्ष 1426 के लिए डीएम कार्यालय द्वारा सूची जारी कर दी गई है।