शहर में धड़ल्ले से चल रही अवैध रूप से निजी ट्रेवल एजेंसी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर में अवैध रूप से निजी ट्रेवल एजेंसी धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं। इनके पास न तो व्यवसायिक पंजीयन है और न ही एजेंसी विभागीय मानक तय करती हैं। इसके बाद भी तमाम एजेंसी निजी वाहन के रजिस्ट्रेशन पर भाड़े का कार्य कर रही हैं। जिससे विभाग को राजस्व की चपत लग रही है। इस मामले में विभागीय अधिकारी जान कर भी अनजान बने हुए हैं।
परिवहन विभाग ने आय बढ़ाने के लिए तमाम नियम बनाए हैं। जिन्हें अवैध एजेंसी माफिया नियमों को ताक पर रखकर परिवहन विभाग को चूना लगा रहे हैं। ऐेसा ही स्थिति शहर में देखने को मिल रही है। जहां पर एजेंसी के संचालक कई निजी वाहनों को लगाए है। जो प्रतिदिन लगभग लाखों रुपए कमाई कर परिवहन विभाग को चपत लगा रहे हैं। शहर में ऐसे कई स्थानों पर अवैध एजेंसी संचालित हो रही है। जिनमें से कुछ स्टेशन के पास, वर्णी चौराहे पर और जेल चौराहे पर भी एजेंसी संचालित हो रही है। जिनके चालक विभागीय जांच के दौरान चालक सवारियों को अपना परिवार बताकर कार्रवाई से बच निकलते हैं। इन एजेंसियों पर साधारण वाहन से लेकर कीमती लक्जरी गाड़ी तक किराए पर उपलब्ध हैं। एक फोन करने पर इनकी बुकिंग हो जाती है। साथ ही कुछ ही समय में यह वाहन दरवाजे पर खड़ी मिलती है। शादी-विवाह व पार्टियों में इन वाहनों की लंबी कतार एक साथ नजर आतीं है। यही नहीं कई सरकारी विभागों में यह वाहन अवैध एजेंसी का का बताकर लगे हैं। जिनमें विभागीय अधिकारी चल रहे हैं। लेकिन ऐसे वाहनों की नंबर प्लेट भी निजी वाहनों के जैसी है। जिससे यह प्रतीत होता है कि गाड़ी निजी है।
शहर में एक एजेंसी रजिस्टर्ड हैं। इसके अलावा यदि कोई अन्य एजेंसी संचालित हो रही है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
सत्येंद्र कुमार, सहायक परिवहन अधिकारी