ललितपुर। शासन ने बीमा क्लेम से वंचित किसानों के मामले में बैंकों पर शिकंजा कस दिया है। वर्ष 2018 में अतिवृष्टि से बर्बाद हुई खरीफ की फसल में बैंक की गलती से 4235 किसानों को बीमा क्लेम नहीं मिल पाया था। अब इस मामले में बैंकों से एक करोड़ पैसठ लाख रुपये की रिकवरी की तैयारी शुरू हो गई है। इससे छूटे किसानों में क्लेम मिलने की उम्मीद जाग गई है।
किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं का क्रियान्वयन सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। जिससे तमाम किसानों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पात्रों को योजनाओं का लाभ पाने के लिए विभागों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई जगहों पर उनहें आश्वासन देकर टरकराया जा रहा है तो कहीं उन्हें कर्मियों की दुत्कार भी झेलनी पड़ रही है। ऐसा ही कुछ हाल वर्ष 2018 की बर्बाद खरीफ फसल से प्रभावित किसानों का भी है। बैंकों की गलती से कई किसान बीमा क्लेम नहीं पा सके हैं। वर्ष 2018 में खरीफ फसल अधिक बारिश होने से खेतों में ही खराब हो गई थी। इस दौरान बीमित किसानों को नष्ट फसल का बीमा क्लेम भुगतान किया गया। लेकिन, प्रीमियम राशि कटने के बाद भी बैंकों की गलती से 4235 किसानों का डाटा बीमा कंपनी के पोर्टल पर अपलोड नहीं हो पाया। इससे यह किसान क्लेम पाने से वंचित रह गए।
हालांकि, किसानों संगठनों के प्रयास से वंचित किसानों को क्लेम मिलने की उम्मीद जग गई है। किसान संगठनों की मांग पर जिला प्रशासन ने शासन को पत्राचार किया। जिस पर वंचित 4235 किसानों की बीमा क्लेम राशि एक करोड़ पैसठ लाख रुपये तय की गई। इस राशि को बैैंकों से लिए जाने के लिए रिकवरी करने के निर्देश दिए हैं। अब वर्ष 2018 के छूटे किसानों को क्लेम बैंकों से दिया जाएगा। जिसकी कृषि विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। अब किसानों को शीघ्र ही बीमा क्लेम मिलने की आस जाग गई है।
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वर्ष 2018 में खरीफ की नष्ट फसल के बीमा से वंचित 4235 किसानों को बैंकों से एक करोड़ पैसठ लाख रुपये की रिकवरी बैंक से करने के आदेश हो गए हैं। अब बैंकों को ही किसानों को बीमा क्लेम देना होगा।
- संतोष कुमार सविता, उप कृषि निदेशक