राजकीय पुस्तकालय में अभ्यार्थियों को मानसिक संतुलन विषय की जानकारी देते योग प्रशिक्षक। स्रोत
लखीमपुर खीरी। राजकीय पुस्तकालय में शुक्रवार को मानसिक स्वास्थ्य, योग एवं विद्यार्थी जीवन में योग पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों को मानसिक संतुलन, अध्ययन क्षमता और सकारात्मक जीवनशैली के निर्माण में योग की भूमिका पर जानकारी दी गई।
आयुष विभाग के योग थैरेपिस्ट प्रिंस रंजन बरनवाल ने तनाव, चिंता, एकाग्रता की कमी और अनियमित दिनचर्या विद्यार्थियों की पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव डालती है, जिसे योग के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है। नियमित प्राणायाम, ध्यान, सूर्य-नमस्कार और श्वास तकनीकें मस्तिष्क की कार्यक्षमता, स्मरण शक्ति और फोकस को बढ़ाती हैं।
बताया कि योग न केवल शारीरिक फिटनेस देता है, बल्कि भावनात्मक संतुलन, आत्मविश्वास और स्थिरता भी प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को कुछ सरल एवं प्रभावी योग अभ्यास जैसे अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, सूर्य-नमस्कार, प्रज्ञायोग आदि श्वसन अभ्यास कराया और प्रतिदिन कम से कम 10–15 मिनट करने की सलाह दी। योग सहायक राजदीपिका तिवारी ने मानसिक शांति, अध्ययन के दौरान मानसिक स्पष्टता बनाए रखने के लिए सरल ध्यान और श्वास-जागरूकता तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास कराया।