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महिलाओं ने अस्त होते सूर्य  को अर्घ्य देकर की छठ पूजा

Sun, 06 Nov 2016 10:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो   लखीमपुर खीरी।
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छठ पूजा - फोटो : अमर उजाला
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सेठघाट पर छठ पूजा को जुटी महिलाओं की भारी भीड़
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रात भर चले भजन कीर्तन और धार्मिक आयोजन
 छठ पूजा को लेकर रविवार को जिले भर में खासा उत्साह रहा। 24 घंटे के उपवास के बाद रविवार शाम महिलाओं ने अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देकर अपनी संतानों और परिवार के लिए सुख समृद्धि की कामना की। सूर्य उपासना के इस महत्वपूर्ण पर्व पर शहर के सेठघाट पर दोपहर बाद से महिलाओं की भीड़ रही। सुबह से घरों में उपवास रखने वाली महिलाओं ने प्रसाद के लिए पकवान तैयार किए। 
सूर्यास्त के समय महिलाओं ने सूप में फल मिठाइयां पुआ, पूड़ी, पकवान, गन्ना, सिंघाड़ा आदि रखकर उसके ऊपर जलता दीप रखकर घुटनों तक नदी के पानी में खड़े होकर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया।  
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अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देनेे के समय सेठ घाट पर हजारों महिलाएं और पुरुष मौजूद रहे। सेठ घाट पर खान-पान और खेल खिलौनों की काफी दुकानें लगी रहीं। बच्चों ने इस मेले का जमकर लुत्फ उठाया। छठ पूजा व्यवस्था कमेटी ने सेठघाट की सीढ़ियों और परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया। शाम से ही सेठघाट रंग बिरंगी रोशनी से जगमगाने लगा। रात भर यहां भजन कीर्तन के कार्यक्रम जारी रहा। सेठ घाट पर शहर के साथ-साथ आसपास के गांवों की महिलाएं भी पूजा के लिए जुटीं। 
महिलाओं का यह व्रत रात में भी जारी रहेगा। 36 घंटे के उपवास के बाद सोमवार को महिलाएं उगते सूरज को अर्घ्य देने के साथ छठ व्रत का समापन करेंगी। छठ पूजा के दौरान जिले में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रही। इस दौरान गोताखोरों और वन विभाग की टीम भी मौजूद रही। 
ओयल। नगर क्षेत्र में स्थित कोठी ताल पर छठ पूजन के लिए श्रद्धालु महिला-पुरुष दोपहर बाद से ही जमा हो गए। परंपरागत ढंग से पूजा-अर्चना करने के बाद महिलाओं ने अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया।
पलियाकलां। छठ पर्व पर रविवार को अस्त होते सूर्य को महिलाओं ने अर्घ्य दिया। इसके साथ ही बनाई गई वेदियों पर पूजा अर्चना की। श्रीनगर गांव में भी महिलाओं ने शारदा नदी के तट पर पूजा अर्चना की।
धनगढ़ी-नेपाल। धनगढी-कैलाली जिले में इतवार को छठ पर्व पर महिला. पुरुषों ने सुबह से ही व्रत रख कर शाम को मोहाना नदी में खड़े होकर छठ मैया की विधि-विधान से पूजा अर्चना की। 
गोला गोकर्णनाथ। पौराणिक शिव मंदिर के गोकर्णतीर्थ तट पर रविवार की शाम को पूर्वांचल की महिलाओं ने गोकर्णतीर्थ के जल में खड़े होकर पर परंपरागत ढंग से ढलते हुए भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर पूजन किया और परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। 
गोकर्ण तीर्थ के चारों ओर श्रद्धालुओं ने रंग बिरंगी विद्युत झालर लगाकर सजाया। 
बिजुआ। गुलरिया की चीनी मिल कॉलोनी कैंपस में छठ पूजा के आयोजन में मिल कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कैंपस में ही स्नान कुंड बनाया गया। इसमें पास की शारदा नदी से जल लाकर भरा गया। पूजन कार्यक्रम में महिलाओं ने कुंड में खड़े होकर अस्त होते भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर आशीष मांगा। वहीं रात को ही कैंपस में जागरण का आयोजन किया गया है। सोमवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाएं व्रत तोड़ेंगी।
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मैलानी। छत्तीस घंटे का व्रत रखकर महिलाओं ने काली मंदिर स्थल के पास छिपते सूर्य को अर्घ्य दिया। इस मौके पर मंदिर के आसपास भीड़ रही।
 
बांकेगंज में महिलाओं ने सूखी नहर में की छठ पूजा
बांकेगंज। छठ पूजा श्रद्धा और धूमधाम से मनाई गई। बीते साल की तरह इस साल भी खीरी ब्रांच नहर में पानी न होने श्रद्धालु व्रती महिलाओं को नहर के गड्ढ़ों में भरे गंदे पानी में खड़े होकर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देकर पूजन करना पड़ा। मालूम हो कि बांकेगंज में कोई नदी या सरोवर न होने के कारण कस्बा सहित ब्लाक क्षेत्र के गांवों में पूर्वांचल समाज की महिलाएं छठ पूजा पर खीरी और सीतापुर ब्रांच नहर के जल में खड़े होकर अस्त और उगते सूरज को अर्घ्य देने की परंपरा निभाती हैं। 
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