खुफिया इनपुट मिलने के बाद तब्लीगी जमात से बरेली और कई जिलों के लोगों की नए सिरे से जांच होगी। तब्लीगी मरकज से मिली सूचनाओं के आधार पर शासन की ओर से पहले यूपी के सिर्फ 157 लोगों की सूची जारी की गई थी, लेकिन अब कई और सूची जारी कर एसटीएफ और आईबी को जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है।
नई सूची में शामिल नाम-पतों की पूरी तरह पुष्टि नहीं की गई है,न लेकिन माना जा रहा है कि बरेली जोन के जिलों में कई जमाती अब तक छिपे हो सकते हैं। एडीजी अविनाश चंद्र ने शनिवार को बताया कि जोन के सभी जिलों में जमातियों की तलाश जारी है और इन्हें खोजकर स्वास्थ्य विभाग के हवाले करने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, तब्लीगी जमात के निजामुद्दीन मरकज में 15 से 18 मार्च के बीच हुए जलसे में शामिल जमातियों के जरिये देश भर में बड़े पैमाने पर कोरोना संक्रमण फैल जाने के बाद केंद्र के साथ राज्य सरकारों में भी हलचल है। बताया जा रहा है कि मरकज की ओर से प्रारंभिक तौर पर मिली जमातियों के नाम-पतों की सूची के आधार पर ज्यादातर जमातियों का पता नहीं लग पाया।
इसके बाद माना गया कि यह सूची पूरी तरह दुरुस्त नहीं है। इसमें किसी का नाम, किसी के शहर का नाम तो किसी के मोबाइल नंबर गलत थे। यूपी के जिन 157 जमातियों के नाम इस सूची में थे, उनमें से कई को अब तक नहीं खोजा जा सका है। दिल्ली और दूसरे राज्यों से भी ऐसी ही सूचनाएं मिल रही हैं।
इसके बाद प्रदेश सरकार ने नए सिरे से जमातियों की तलाश कराने का निर्णय लिया है। योगी सरकार ने यह जिम्मेदारी एसटीएफ और आईबी को सौंपी है। बरेली जोन के सभी जिलों में जमातियों की तलाश शुरू कर दी गई है। इस अभियान में बरेली में भी तमाम जमातियों के मिलने की संभावना जताई जा रही है।