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बरेली जोन में सैकड़ों जमाती छिपे होने की आशंका, अब एसटीएफ और आईबी करेगी जांच

Sun, 05 Apr 2020 03:28 PM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

पहले जारी 157 लोगों की लिस्ट से एजेंसियां संतुष्ट नहीं, नई लिस्टें जारी कर एसटीएफ के साथ आईबी को दी गई ट्रेस करने की जिम्मेदारी
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फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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खुफिया इनपुट मिलने के बाद तब्लीगी जमात से बरेली और कई जिलों के लोगों की नए सिरे से जांच होगी। तब्लीगी मरकज से मिली सूचनाओं के आधार पर शासन की ओर से पहले यूपी के सिर्फ 157 लोगों की सूची जारी की गई थी, लेकिन अब कई और सूची जारी कर एसटीएफ और आईबी को जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है। 

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नई सूची में शामिल नाम-पतों की पूरी तरह पुष्टि नहीं की गई है,न लेकिन माना जा रहा है कि बरेली जोन के जिलों में कई जमाती अब तक छिपे हो सकते हैं। एडीजी अविनाश चंद्र ने शनिवार को बताया कि जोन के सभी जिलों में जमातियों की तलाश जारी है और इन्हें खोजकर स्वास्थ्य विभाग के हवाले करने के निर्देश दिए गए हैं। 

दरअसल, तब्लीगी जमात के निजामुद्दीन मरकज में 15 से 18 मार्च के बीच हुए जलसे में शामिल जमातियों के जरिये देश भर में बड़े पैमाने पर कोरोना संक्रमण फैल जाने के बाद केंद्र के साथ राज्य सरकारों में भी हलचल है। बताया जा रहा है कि मरकज की ओर से प्रारंभिक तौर पर मिली जमातियों के नाम-पतों की सूची के आधार पर ज्यादातर जमातियों का पता नहीं लग पाया। 
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इसके बाद माना गया कि यह सूची पूरी तरह दुरुस्त नहीं है। इसमें किसी का नाम, किसी के शहर का नाम तो किसी के मोबाइल नंबर गलत थे। यूपी के जिन 157 जमातियों के नाम इस सूची में थे, उनमें से कई को अब तक नहीं खोजा जा सका है। दिल्ली और दूसरे राज्यों से भी ऐसी ही सूचनाएं मिल रही हैं।

इसके बाद प्रदेश सरकार ने नए सिरे से जमातियों की तलाश कराने का निर्णय लिया है। योगी सरकार ने यह जिम्मेदारी एसटीएफ और आईबी को सौंपी है। बरेली जोन के सभी जिलों में जमातियों की तलाश शुरू कर दी गई है। इस अभियान में बरेली में भी तमाम जमातियों के मिलने की संभावना जताई जा रही है।
 

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हजारों मोबाइल नंबरों को ट्रेस करेगी एसटीएफ
सूत्रों के मुताबिक 12 से 14 मार्च तक निजामुद्दीन इलाके के मोबाइल बीटीएस टावरों की रेंज में आए हजारों नंबरों का डाटा निकाला गया है। यूपी एसटीएफ को इन नंबरों की लोकेशन पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस क्रम में एसटीएफ की बरेली यूनिट के हिस्से में भी हजारों नंबरों की जांच करने की जिम्मेदारी आई है। 

दिल्ली के नंबरों को छोड़कर बाकी सभी की लोकेशन ट्रेस की जानी है और इसकी रिपोर्ट तुरंत लखनऊ मुख्यालय भेजी जाएगी। इसमें आईबी की भी मदद ली जा रही है। सूत्रों के मुताबिक वैसे तो मस्जिदों और मदरसों में अब तक जमातियों की तलाश जारी है, लेकिन लोकेशन मिलने के बाद इन्हें घरों से भी दबोचा जाएगा। 

शरण देने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
एडीजी अविनाश चंद्र ने बताया कि एसटीएफ और आईबी के जरिये निजामुद्दीन इलाके से निकले जमातियों की लोकेशन ट्रेस कराई जा रही है। वैसे तो इन जमातियों को खुद सामने आकर जांच में सहयोग करना चाहिए, लेकिन अगर जांच में यह पाया गया कि इन्हें शरण देकर छिपाया गया है तो ऐसा करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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