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जंगली हाथियों ने सजनिया के जंगल में जमाया डेरा

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सहजनिया में घूमते हाथी।
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ममरी (लखीमपुर खीरी)। नेपाली हाथियों का झुंड सोमवार की रात खुटार रोड पार कर फिर मोहम्मदी रेंज के सहजनिया जंगल में आ पहुंचा है। इन्हें खदेड़ना वन कर्मियों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। वनकर्मी जंगल से सटे गांवों में जाकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं।
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फॉरेस्टर जगदीश वर्मा, रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि वनकर्मियों के कांबिंग करने, पटाखे दगाने के बाद भी हाथी जंगल छोड़ने को तैयार नहीं हैं। हाथी इतना हिंसक हो गए हैं कि जरा सी चूक होने पर वनकर्मियों पर हमलावर हो जाते हैं। बताया कि हाथी खुटार रोड के आसपास घूम रहे हैं। हालत यह है कोई भी वनकर्मी जंगल में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। मजबूरन टीम जंगल से सटे ग्रामों में जाकर लोगों को खेतों की ओर न जाने सतर्क रहने की सलाह दे रही है।
किसान खेतों में खड़ी धान की फसल काटने से घबरा रहे हैं। हाथियों का झुंड अचानक रोड पर आ जाने से रोड के निर्माण में लगे कर्मचारियों ने भागकर अपनी जान बचाई। रेंजर मोबिन आरिफ का कहना है कि वनकर्मी दिन-रात बचाव कार्य में लगे हुए हैं, लेकिन हाथी जंगल नहीं छोड़ रहे हैं। किसी भी वनकर्मी अथवा ग्रामीण की जान जोखिम में पड़ने न पाए का भी ध्यान रखा जा रहा है।
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हाथियों के झुंड ने धान की फसलों में मचाया उत्पात
धनगढ़ी (नेपाल)। भारतीय सीमा से लगे कंचनपुर जिले के शुक्लाफांटा पार्क के जंगली हाथियों के झुंड ने आसपास गांवों में धान के खेतों में घुसकर फसलों को खासा नुकसान पहुंचाया है।
सीमा से लगे कंचनपुर जिले में शुक्लाफाटा पार्क के जंगली हाथियों के झुंड ने बेलडाड़ी, पिल्लारीफांटा गांव में घुसकर खेतों व घर में लगे धान के ढेर की फसलों को खाने के साथ ही उसे रौंद डाला। नगर पालिका वार्ड अध्यक्ष बहादुर सिंह माहरा ने बताया कि एक दर्जन जंगली हाथियों के झुंड ने खेतों के साथ ही राजकुमार के घर में भी घुसकर धान के ढेर व फसलों को नुकसान पहुंचाया है। हाथी के झुंड के घुसने की खबर से स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंच कर हल्ला मचा कर हाथियों को बमुश्किल भगाया। संवाद
बाघों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत
चपरतला। मैगलगंज वन रेंज के गांव साहूपुर में कई दिनों से बाघ देखा जा रहा है। कई बार ग्रामीणों ने बाघ को खेतों से निकलते देखा है। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी।
मैगलगंज के रेंजर एसएस चौहान के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची वहां बाघ के पगचिह्न देखने के बाद बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की है। वन विभाग की टीम ने गांव के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। रेंजर सत्येंद्र सिंह चौहान ने बताया कि बरसात के चलते कांबिंग में बाधा आ रही है जल्दी बाघ को पकड़ा जाएगा या यहां से खदेड़ा जाएगा। संवाद
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