लखीमपुर खीरी। दशहरा मेला के सांस्कृतिक मंच पर शनिवार की रात हुए कुल हिंद मुशायरे में देश के कोने-कोने से आए नामचीन शायरों ने अपने कलाम से एक अलग छाप छोड़ दी।
मुशायरे के मुख्य आकर्षण वासिफ फारुकी, हसन काजमी, डॉ. अना, कासिम फीरोजाबाद, सबा बलरामपुरी, मारूफ रायबरेली जैसे शायरों ने रात भर सामयीन को बांधे रखा। तीन बजे तक चले इस मुशायरे में लोगों ने अपनी फरमाइशी गजलें भी शायरों से सुनी।
शायर वासिफ फारूकी ने सुनाया - जो ताक ताक भड़कते हैं उन को गुल कर दो, उजाले बख्शने वाले दिए तलाश करो। हसन काजमी ने पढ़ा- खूबसूरत है आंखें तुम्हारी रात को जागना छोड़ दे, खुद ब खुद नींद आ जाएगी मेरे बारे सोचना छोड़ दे।
मुशायरे की शुरुआत कांग्रेस सरकार में गृह मंत्री रह चुके पूर्व सांसद जफर अली नकवी, विशिष्ट अतिथि आशीष अनल व नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने दीप जलाकर की। अध्यक्षता करते हुए जफर अली नकवी ने मुशायरे को कौमी एकता का सबसे बड़ा माध्यम बताया।
पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने कहा कि मुशायरों की महफिल में गंगा जमुनी तहजीब देखने को मिलती हैं। मुल्क में सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए। इस दौरान नौजवान शायर इलियास चिश्ती के गजल संग्रह ''किताब ए इश्क'' का विमोचन भी मौजूद अतिथियों के हाथों हुआ।
इस मौके पर ईओ संजय कुमार, जेई अमरदीप मौर्य, मुरारी लाल सूर्यवंशी, मनोज राज, श्वेता शर्मा, अनूप शुक्ला, शफीक अहमद, महबूब अली, सिराज, बजरंग शर्मा समेत कई लोग मौजूद रहे।