लखीमपुर खीरी। पहाड़ों पर गिरी बर्फ पिघलने से मैदानी क्षेत्रों में बर्फीली हवाएं चलेंगी, जिसके लिए मौसम विभाग ने अलर्ट करते हुए कहा है कि दो दिन बाद तराई क्षेत्र में शीतलहर का असर दिखने लगेगा। बुधवार को मौसम में उतार-चढ़ाव के तौर पर बादलों की आवाजाही लगी रही। हालांकि मौसम विभाग ने एक सप्ताह तक बारिश की संभावना से इनकार किया है। फसलों लिहाज से मौसम अनुकूल बताया जा रहा है, क्योंकि गेहूं की बुआई शुरू हो चुकी है। गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए ठंडक मुफीद है।
जनपद का बड़ा भू-भाग तराई क्षेत्र होने के कारण सुबह कोहरा पड़ने लगा है, जिससे सुबह और शाम को ठंडक बढ़ जाती है। नवंबर का अंतिम सप्ताह होने के कारण ठंडक का असर बढ़ने लगा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12.1 डिग्री रहा। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक जेेपी गुप्ता ने बताया है कि बादलों की आवाजाही रहेगी, लेकिन अभी बारिश की संभावना नहीं है। पहाड़ों पर बर्फ पिघलने से दो दिन बाद शीतलहर चल सकती है, जिससे ठंडक में अचानक काफी वृद्धि हो सकती है। उन्होंने कहा कि चेन्नई में आने वाले तूफान का उत्तर प्रदेश में असर नहीं पड़ेगा। उधर, जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने बताया है कि अभी रबी सीजन में प्रमुख रूप से गेहूं की बुवाई हो रही है। इसके लिए ठंडक का मौसम अनुकूल है। संवाद