लखीमपुर खीरी। देवोत्थानी एकादशी के शुभ मुहूर्त से मांगलिक कार्यक्रमों का भी आगाज हो गया। कोरोना काल में आठ माह बाद घर से लेकर सड़क और मैरिज लॉन में शहनाई सुनाई दी। सगे संबंधियों में बेहद खुशी थी। मगर, चेहरों पर कोरोना का खौफ साफ दिख रहा था। ऐसे में विवाह की रस्में तो हुई, लेकिन कोरोना को लेकर जारी बंदिशों के साथ। हालांकि मांगलिक कार्यक्रमों में कुछ जगहों पर लोग लापरवाह भी दिखे। उधर, मैरिज लॉन में मेहमानों का स्वागत हाथ सैनिटाइज कराने के साथ तापमान चेक करके हुआ।
बुधवार को बन रहे विशेष शुभ संयोग से विवाह समारोह भी शुरू हो गए। वैवाहिक कार्यक्रम को लेकर घरों में रस्म रिवाज निभाने की प्रक्रिया का दौर सुबह से लेकर रात तक चलता रहा। घरों में शादी ब्याह की तमाम रस्में हुई। मगर, कोरोना काल से पहले जैसा हर्षोल्लास इस बार आयोजन से गायब रहा। मेहमानों से लेकर घरवालों की खुशी पर मास्क की पाबंदी थी। लोगों में कोरोना का खौफ इस कदर था कि जिस किसी को खांसी व छींक आ जाती, उससे लोग दूरी बनाते दिखे।
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घरवालों की अधूरी रह गई ख्वाहिश
शादी चाहे बेटे की हो या फिर बेटी की, हर मां बाप की ख्वाहिश होती है कि वैवाहिक समारोह में सभी अपने शामिल हों। मगर, कोरोना ने न सिर्फ घरवालों की मंशा पर पानी फेर दिया। बल्कि तमाम बंदिशें भी लगा दी। ऐसे में न तो घरवालों बेटे, बेटियों का धूमधाम से वैवाहिक समारोह कर पाए और न ही नाते रिश्तेदारों को ही बुला पाए।
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पहले मास्क लगाओ फिर अंदर जाओ
कोरोना का लेकर हर तरफ दहशत है। बरात के लिए जारी गाइड लाइन का पालन करने के लिए मैरिज लॉन वालों ने बराती हो चाहें जनाती, किसी को बिना मास्क अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी। इसके लिए आयोजकों से सहमति पत्र तक भरवा लिए गए। कोई अंदर न जाने पाए इसके लिए गेट पर तापमान चेक करने के साथ हाथ सैनिटाइज एवं धुलाने तक की व्यवस्था के लिए कर्मचारी लगाए गए।
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कोरोना को लेकर सख्ती का दिखा असर, तो कुछ बेपरवाह बिना मास्क भी घूमे
लखीमपुर खीरी। हिंदू रीति रिवाज से शादियों का शुभारंभ होने के पहले दिन बुधवार को कई स्थानों पर विवाह कार्यक्रम में कोरोना को लेकर सरकार की गाइड लाइन का असर दिखाई पड़ा। शहर के एक मैरिज लॉन में हुए विवाह कार्यक्रम क्षमता से कम ही लोग शामिल हुए। अनुमान के मुताबिक करीब 80 लोग मौजूद रहे। गेट पर आने वाले बरातियों के हाथ सैनिटाइज किए गए और थर्मल स्कैनर से तापमान की जांच की गई। खाने के स्टालों के पास भीड़ नजर नहीं आई, बल्कि लोग आराम से कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। कोरोना काल से पहले जैसी रौनक नजर नहीं आई, जिसमें बरातियों की भीड़ नजर आती थी। संवाद
दूल्हे को काजल लगातीं भाभी। संवाद- फोटो : LAKHIMPUR