पलिया शारदा नदी के श्रीनगर गांव किनारे खड़ीं नाव । संवाद
पलियाकलां। बनबसा बैराज से मंगलवार रात तीन बजे से एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी पास किया गया। इसके बाद दोपहर दो बजे एक लाख 71 हजार क्यूसेक से अधिक पहुंच गया। हालांकि, मंगलवार को पास किया गया पानी ही अभी तक शारदा नदी में आया है। बुधवार को दोपहर दो बजे पास किया गया पानी देर रात तक नदी में पहुंचेगा। इसके चलते नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी और फिर गिरावट भी दर्ज की जा रही है।
बुधवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 13 सेमी ऊपर है, जो मंगलवार की अपेक्षा चार सेमी कम हुआ है। नदी का जलस्तर रात में बढ़ने की बात कही जा रही है। उधर अभी बाढ़ के पानी ने आबादी में कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन खेतों में नदी का पानी घुस चुका है। तहसील प्रशासन की तरफ से लगातार हालातों पर नजर रखी जा रही है। लेखपालों की टीमों को भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगाया गया है।
शारदा नदी के साथ ही नेपाली नदियों के जलस्तर बढ़ने के बाद सुहेली नदी के जलस्तर भी बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। सुहेली नदी का पानी जंगल से सटे क्षेत्रों के साथ ही आबादी की ओर बढ़ने लगा है। चंबरबोझ स्थित रपटा पुल पर करीब दो फिट पानी चलने लगा है। जिससे लोग बड़ी मुश्किल में होकर इस पुल से गुजर रहे हैं। इसके अलावा मुंजहा समेत आसपास के खेतिहर इलाके सुहेली के पानी से जलमर्न हो गए हैं। अभी बाढ़ जैसे हालात इस नदी से भी नहीं नजर आ रहे हैं।
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बाढ़ को लेकर तहसील प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और लगातार नजर रखे हुए है। लेखपालों की टीमों को लगाया गया है और बाढ़ केंद्रों व चौकियों के जरिए नजर रखी जा रही है। आपदा मित्र भी लगातार सक्रिय हैं। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में ग्रामीणों को सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
ज्योति वर्मा, तहसीलदार पलिया
पलिया शारदा नदी के श्रीनगर गांव किनारे खड़ीं नाव । संवाद