पलिया-भीरा रेललाइन पर रपटा पुल के पास होता कार्य। संवाद
पलियाकलां। तहसील क्षेत्र में शारदा नदी में जलस्तर में गिरावट आने लगी है, लेकिन पानी उतरने के बाद की दुश्वारियां अब बाढ़ पीड़ितों के सामने खड़ी हो गई हैं।
घरों से लेकर सड़कों तक कीचड़ होने से उनको दिक्कतें आ रही हैं। फसलें अब भी जलमग्न हैं। उधर, पलिया-भीरा मार्ग पर बोझवा के रपटा पुल पर रेललाइन के पास भी कार्य तेज हो गया है और रिसाव को रोक दिया गया है। बीते दिनों बनबसा बैराज से पानी पास किए जाने के बाद बाढ़ आने से कई गांवों में पानी घुस गया था। पलिया-भीरा मार्ग पर बोझवा गांव के सामने बसी नई आबादी में भी बाढ़ आ गई थी और घरों में दो-तीन फुट पानी भर गया था। अब रिलीजिंग कम होने के बाद पानी भी कम होने लगा है, लेकिन कई ग्रामीणों के घरों से अभी पूरी तरह से पानी नहीं निकला है।
रास्तों और कई ग्रामीणों के घरों से पानी हट गया है, लेकिन वहां कीचड़ से निकलने के लिए वह मजबूर हो रहे हैं। उधर पलिया-भीरा रेललाइन में बोझवा के पास रपटा पुल पर रिसाव को आखिरकार रेलवे ने रोक दिया है और बोरियां डालकर दोनों तरफ मजबूती की जा रही है। जिस तरफ पानी जा रहा था, वहां पर मजबूती से बोरियों को डालकर ऊंचा करने का कार्य किया जा रहा है।
जल आयोग की मानें तो शारदा नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है और नदी खतरे के निशान से काफी नीचे पहुंच गई है। शुक्रवार को नदी खतरे के निशान 154.590 सेंटीमीटर से नीचे 154.480 सेंटीमीटर पर बह रही थी।