गोला देहात ग्राम पंचायत में एक दशक पूर्व बनवाया गया ओवरहेड टैंक। संवाद
गोला गोकर्णनाथ। ब्लाक कुंभी गोला की 74 ग्राम पंचायतों में आदर्श ग्राम पंचायत के रूप में पहचान बना रही ग्राम पंचायत गोला देहात में पेयजल की किल्लत है। यहां की 40,000 की आबादी को एक दशक से शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है।
नगर की सीमावर्ती ग्राम पंचायत गोला देहात को सीएससी की आय के मामले में प्रदेश में 25वां स्थान और विकास के सभी मानक पूरे करने पर आईएसओ प्रमाण पत्र तथा हाल ही में ग्राम पंचायत को मुख्यमंत्री पुरस्कार योजना के तहत 35 लाख रुपये का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। दूसरी ओर इसी ग्राम पंचायत में एक दशक से ग्रामीणों को जल जीवन मिशन के तहत शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है। ग्राम पंचायत में भुसौरिया गांव के बाहर वर्ष 2014 में जल निगम ने करीब 10 करोड़ की लागत से ओवरहेड टैंक, दो पंप हाउस, कर्मचारी आवास, बाउंड्री वॉल आदि का निर्माण कराया था। आज स्थिति यह है, कि देख-रेख के अभाव में परिसर का द्वार टूटा पड़ा है, पंप हाउस क्षतिग्रस्त हो गया है। झाड़ झंकाड के बीच परिसर में जाने से भी डर लगता है। प्रधान और ग्रामीणों ने मरम्मत कराकर पेयजल योजना सुचारु करने की मांग की है।
हैंडओवर के लिए दबाव बना रहे ठेकेदार
ग्राम प्रधान राजेश गिरि ने बताया, वर्ष 2014 में जल निगम के तहत पेयजल योजना की शुरुआत हुई थी। शुरुआत में कुछ समय के लिए पेयजल आपूर्ति कराई गई। बाद में तकनीकी दिक्कतों के चलते सप्लाई ठप हो गई। योजना को सुचारु करने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्राचार किया गया। ठेकेदार ने योजना को हैंडओवर करने के लिए दबाव भी बनाया। यदि ठेकेदार पेयजल आपूर्ति का सुचारू रूप से ट्रायल करके दिखा दें तो हैंडओवर कर लेंगे।
वर्जन
अभी जल्द ही चार्ज लिया है। सर्वे कराकर मेंटीनेंस के लिए डीपीआर तैयार किया जा रहा है। पुराना निर्माण कार्य है, उसे अमृत योजना के तहत कराया गया था। मरम्मत कार्य होने के बाद ग्राम पंचायत को हैंडओवर होगा।
विकास कुमार, जेई जल निगम
गोला देहात ग्राम पंचायत में एक दशक पूर्व बनवाया गया ओवरहेड टैंक। संवाद