बांकेगंज। महाराष्ट्र में बाघों की मौत के बाद वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के अलर्ट के बाद चौकन्ने हुए टाइगर रिजर्व प्रशासन ने शिकार की घटनाओं की रोकथाम को लेकर चौकसी बढ़ा दी है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन और दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक डॉ. रंगाराजू टी. वन कर्मियों की टीम के साथ शुक्रवार को भारत-नेपाल सीमा का भ्रमण कर पिलर संख्या 188 पहुंचे। इसके बाद गौरीफंटा, बनकटी, सठियाना रेंज का जायजा लिया। जंगल के अंदर अवैध घुसपैठ और शिकार के लिहाज से संवेदनशील स्थलों का भ्रमण कर गश्त को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
जंगल और बाहरी इलाके में स्वछंद विचरण करने वाले बाघों पर लगातार नजर बनाए रखने की बात कही। साथ ही शिकार की घटनाओं के मामले में संलिप्त शातिर शिकारियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए। एफडी ने बताया कि दुधवा समेत पूरे टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा के मद्देनजर टाइगर रिजर्व प्रशासन चप्पे-चप्पे पर नजर रख रहा है।
जंगल के अंदर शिकार के लिहाज से संवेदनशील स्थलों खासकर भारत-नेपाल सीमा पर कड़ी निगाह रखी जा रही है। वन कर्मियों ही टीम के साथ (एसटीपीएफ) स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के जवानों के अलावा खुफिया तंत्र ने निगरानी बढ़ा दी है। वन्यजीव प्रतिपालक दुधवा महावीर प्रसाद, बेलरायां दीपक पांडेय, रेंजर अभिषेक सिगटिया, डिप्टी रेंजर सुरेंद्र कुमार मौजूद रहे। संवाद