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Lakhimpur Kheri: पुलिस की मौजूदगी में किया गया दुष्कर्म पीड़िता का अंतिम संस्कार, आरोपी का चाचा गिरफ्तार

Thu, 29 Jan 2026 07:07 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

लखीमपुर खीरी के धौरहरा क्षेत्र में दुष्कर्म की घटना से आहत किशोरी ने आत्महत्या कर ली थी। बुधवार को उसके शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच उसके शव का अंतिम संस्कार किया गया। 
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अंत्येष्टि के दौरान सीओ सहित तीन थानों की पुलिस रही मौजूद - फोटो : संवाद
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी के धौरहरा क्षेत्र में पोस्टमॉर्टम के बाद दुष्कर्म पीड़िता का शव बृहस्पतिवार को गांव पहुंचा। इसके बाद पिता ने मुखाग्नि देकर ग्रामीणों और पुलिस की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की 17 वर्षीय छात्रा के साथ उसके गांव के ही गैर समुदाय के अपचारी ने गन्ने के खेत में 26 जनवरी को दुष्कर्म किया था। आरोप है कि आरोपी का चाचा भी दुष्कर्म के समय कुछ दूरी पर निगरानी कर रहा था। 

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छात्रा की मां और मामा का आरोप है कि दुष्कर्म के बाद आरोपी का चाचा मामले को रफा दफाकर आरोपी से शादी करने का दबाव बना रहा था। पीड़िता की मां की तहरीर पर एफआईआर के बाद पुलिस ने आरोपी चाचा भतीजे को गिरफ्तार कर लिया। बुधवार शाम शव उसके मामा के घर पहुंचा, पर पिता के बेंगलुरू से वापस न आने की वजह से अंतिम संस्कार नहीं हो सका। सुबह उसका पिता गांव पहुंचा। दोपहर 12 बजे पिता ने बेटी को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार कर दिया। अंत्येष्टि के समय पीड़ित के रिश्तेदार एवं ग्रामीणों के अलावा सीओ शमशेर बहादुर सिंह, एसओ ईसानगर निर्मल तिवारी, खमरिया प्रभारी निरीक्षक ओपी राय, थानाध्यक्ष रविंद्र सोनकर सहित तमाम पुलिस के जवान मौजूद रहे।

मामा ने पुलिस से मांगी सुरक्षा
अंतिम संस्कार के बाद दुष्कर्म पीड़िता के मामा ने सीओ शमशेर बहादुर सिंह से परिवार की सुरक्षा की मांग की। सीओ ने थानाध्यक्ष को उसके घर एक उपनिरीक्षक और चार आरक्षी तैनात करने का मौखिक निर्देश दिया।

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हिंदू संगठनों ने उठाई आरोपियों पर रासुका लगाने की उठाई मांग
दुष्कर्म पीड़िता के गांव पहुंचे भाजपा नेता कन्हैया वाजपेयी, बजरंग दल के देव जुनेजा सहित हिंदू संगठनों के तमाम लोगों ने मांग करते हुए कहा कि छात्रा के साथ दुष्कर्म करने वाले और उसके सहयोगियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध रासुका के तहत कार्रवाई की जाए। पीड़िता के परिवार को सुरक्षा और आर्थिक मदद भी दिलाई जाए।

निष्प्रयोज्य विद्यालय भवन में रह रहा था दुष्कर्म पीड़िता का परिवार
पीड़िता का परिवार करीब 15 वर्षों से गांव के निष्प्रयोज्य विद्यालय भवन में रह रहा था। पीड़िता की मां के मुताबिक उसका परिवार करीब 15 वर्ष पहले भीरा छोड़ धौरहरा के गांव अपने मायके आई थी। कुछ दिन अपने भाई के घर रही फिर गांव के विद्यालय के पास निष्प्रयोज्य विद्यालय भवन में ठिकाना बना लिया। मेहनत मजदूरी कर अपनी जीविका चलाने लगी। बच्चों की पढ़ाई और घर चलाने के लिए पति को घर से दूर बेंगलुरू में मजदूरी के लिए जाना पड़ा। उसे अब तक कोई सरकारी सहायता नहीं मिली।

स्कूल जाने के लिए बेटी की स्कूटी दिलाना चाहता था पिता
दुष्कर्म पीड़िता का पिता जब बृहस्पतिवार अल सुबह घर पहुंचा तो बेटी का शव देखकर बिलख उठा और चीख कर बोला, उठो बिटिया, मैं आ गया हूं। तुम्हें स्कूल जाने के लिए स्कूटी लाकर दूंगा, और सिर पीट-पीट कर रोने लगा। यह देख पूरे गांव की आंखें नम हो गई। सीओ शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा। गांव में एहतियातन पुलिस तैनात रही। 
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