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अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान : कोरोना और अन्य बीमारियों से लड़ने में सक्षम है वैक्सीनेशन

Thu, 31 Mar 2022 02:22 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, लखीमपुर खीरी

सार

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा बताते हैं कि जन्म के बाद बच्चों को समय-समय पर नियमित टीका लगना बेहद जरूरी है। इसमें किसी तरह की कोताही न करें। नियमित टीकाकरण न होने के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ सकता है, जबकि सामान्य टीकाकरण से बढ़ी रोग प्रतिरोधक क्षमता बच्चों को कोरोना से जंग जीतने में मददगार बन सकती है।
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अजमानी पब्लिक स्कूल में छात्र को टीका लगातीं एएनएम।
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विस्तार
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कोरोना ने हर किसी को टीकाकरण की अहमियत बता दी है, इसलिए टीकाकरण कराना बेहद जरूरी है। फिर चाहे वह कोरोना से बचने के लिए हो या फिर किसी अन्य बीमारी से। वैक्सीनेशन से न सिर्फ संबंधित बीमारी से बचाव होता है, बल्कि इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों का नियमित टीकाकरण कराने के साथ 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को कोरोना का टीका जरूर लगवाएं।

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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा बताते हैं कि जन्म के बाद बच्चों को समय-समय पर नियमित टीका लगना बेहद जरूरी है। इसमें किसी तरह की कोताही न करें। नियमित टीकाकरण न होने के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ सकता है, जबकि सामान्य टीकाकरण से बढ़ी रोग प्रतिरोधक क्षमता बच्चों को कोरोना से जंग जीतने में मददगार बन सकती है। उन्होंने बताया कि 15 माह के बाद ज्यादातर टीके बूस्टर होते हैं, जो बच्चों में पहले से मौजूद रोग प्रतिरोधक क्षमता को और बढ़ाते हैं। नियमित टीकाकरण कराने में यदि किसी कारणवश देरी हो जाए तब भी बिना किसी झिझक के एकाध माह बाद टीकाकरण कराया जा सकता है।

समय- टीकाकरण
1. जन्म पर - बीसीजी, हेपेटाइटिस बी की पहली डोज, पोलियो ड्रॉप
2. डेढ़ माह पर- पेंटावैक्सीन वन, न्यूमोकॉकल, रोटा वायरस, आईपीवी
3. ढाई माह पर- पेंटा वैक्सीन-2, न्यूमोकॉकल, रोटा वायरस, आईपीवी
4. साढ़े तीन माह पर- पेंटा वैक्सीन-3, न्यूमोकोकल, रोटा वायरस, आईपीवी
5. नौ माह पर- एमआर वैक्सीन, जेई, विटामिन ए की डोज
6. डेढ़ वर्ष पर- डीपीटी का बूस्टर, एमआर-2, जेई
7. साढ़े चार वर्ष- डीपीटी बूस्टर-2, एमआर-2
8. पांच से छह साल - डीपीटी बूस्टर-2
9. 10 साल- टिटनस टोक्साइड, टिटनस एंड एडल्ट डिप्थीरिया
10. 16 साल- टिटनस टोक्साइड, टिटनस एंड एडल्ट डिप्थीरिया

इस तरह सुरक्षित रखती है वैक्सीन
सहायक जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. उज्जवल कांत बताते हैं कि कोरोना वैक्सीन की पहली डोज के 28 दिन बाद दूसरी डोज लगती है। वैक्सीन शरीर में जाते ही एंटीबॉडी बनाना शुरू कर देती है और 28 दिन बाद दूसरी डोज लगने के बाद 14 दिन बाद शरीर में एंटीबॉडी पूरी तरह बन जाती है। इससे इम्युनिटी काफी तेजी से बढ़ने लगती है। करीब डेढ़ माह बाद शरीर हर वायरस से लड़ने में सक्षम हो जाता है। इसलिए टीकाकरण कराने के करीब डेढ़ माह बाद तक कोरोना संक्रमण से बचाव बेहद जरूरी है।
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सामान्य तौर पर दिए जाने वाले टीके विशिष्ट बीमारियों से लड़ने के लिए होते हैं। इनसे उन रोगों से तो बचाव होता ही है साथ ही क्रॉस इम्युनिटी भी विकसित होती है। यह इम्युनिटी कोरोना से लड़ने में भी मददगार होती है। इसलिए अभिभावक अपने बच्चों को नियमित टीकाकरण कराने के साथ कोरोना का टीका जरूर लगवाएं। इससे उनमें रोगों से लड़ने की ताकत मिलेगी। - डॉ. अनिल कुमार गुप्ता, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी

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