पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। बनबसा बैराज से छूटा पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी शारदा नदी में आने के बाद नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। नदी तट पर बंधा टूटने से पलिया शहर के मुख्य मार्गों पर करीब दो से तीन फुट तक पानी बह रहा है।
शारदा नदी में बनबसा बैराज से रिलीज किए गए पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी आने के बाद जलस्तर काफी बढ़ गया है। शारदा नदी तट के किनारे बना एक बंधा टूटने से पानी पलिया की भीरा रोड, बाईपास रोड, माल गोदाम रोड समेत कई मोहल्लों में दो से तीन फुट तक पानी भर गया है। तेजी से बढ़ते पानी के कारण अतरिया, बोझवा, दौलतापुर, मटैहिया, कचनारा, सरखना, पतवारा, बड़ा पतवारा, धूसर, बिजौरिया समेत कई गांवों के लोग ऊंचे स्थानों का रुख करने लगे हैं। किसानों की कई एकड़ धान व गन्ने की फसल भी बाढ़ के पानी में डूब गई है।
चीनी मिल के सामने करीब चार फुट पानी चल रहा है। इससे पूरे मिल परिसर कॉलोनी में पानी भर गया है। मोहल्ला ढाकिन में भी पांच फुट तक पानी भरा हुआ है। इंद्रानगर, सुभाषनगर समेत कई मोहल्ले पूरी तरह से बाढ़ग्रस्त हो गए हैं। सीओ अभय प्रताप मल के साथ ही भारी पुलिस बल, एनडीआरएफ टीम व स्टीमर के साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए लगे रहे।
ट्रैक्टर-डनलप में सामान ले जाते समय बहे
पलिया। इलाके के मटैहिया गांव निवासी प्रेम, शिशुपाल, तोताराम, सर्वेश आदि ग्रामीण अपने-अपने घरों का सामान ट्रैक्टर व उसके पीछे बंधे डनलप में घरेलू सामान व बाइक लेकर भीरा की ओर जा रहे थे। इस दौरान भीरा के बोझवा स्थित रपटा पुल पर तेज धार में उनका ट्रैक्टर-डनलप बह गया। जिसमें चारों लोग धार में फंसकर बहने लगे। आसपास के लोगों व तैरकर चारों ने अपनी जान बचाई। जबकि सारा घरेलू सामान, ट्रैक्टर, डनलप, बाइक आदि नदी में बह गया। जिससे उनको काफी नुकसान हुआ है।
मिट्टी के चार घर गिरे, बाल-बाल बचे लोग
पलिया। इलाके के अतरिया गांव में बाढ़ के पानी से मिट्टी के चार घर गिर गए। गनीमत रही कि घर के अन्य कमरों में बाकी सदस्य थे जिससे बड़ा हादसा नहीं हुआ। बाढ़ के पानी से नजमुद्दीन, रूतबुद्दीन, तलमुद्दीन पुत्रगण हामिद अली के घर गिर गए, जिससे उनको काफी नुकसान हुआ है। वहीं गांव में करीब तीन फुट तक पानी भर गया है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब दस साल से उनके गांव में पानी नहीं भरा था, लेकिन शारदा नदी तट किनारे बंधा कटने व रेललाइन से रिसने वाले पानी के चलते इस बार गांवों में भी पानी भर गया है।
बस, ट्रेन समेत सभी वाहनों के थमे पहिए
पलिया। शारदा नदी की बाढ़ से पलिया से लखीमपुर की ओर जाने वाली सभी प्राइवेट बसें बंद रहीं। वहीं पलिया शहर में आने के लिए कोई रास्ता न होने के कारण इस रूट पर कोई भी वाहन नहीं चला। ट्रेनें भी नहीं चल सकीं। रेललाइन में जगह-जगह टूट आने के कारण अब कई दिनों तक ट्रेनों के बंद होने की संभावना जताई जा रही है।