लखीमपुर खीरी। ग्राम पंचायतों में आयकर कटौती को लेकर जागरूकता लाने के लिए गुरुवार को कार्यशाला हुई, जिसमें सीतापुर से आए आयकर अधिकारी (टीडीएस) वीरेंद्र सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायतों द्वारा नामित संस्थाएं, ठेकेदार व फर्मों को भुगतान करते समय निर्धारित दरों से आयकर की कटौती नहीं की जा रही है, जो आयकर अधिनियम का उल्लंघन है और यह दंडनीय भी है। उन्होंने कहा कि 2.50 लाख से अधिक भुगतान करने पर दो प्रतिशत जीएसटी देना जरूरी है।
विकास भवन सभागार में हुई कार्यशाला में आयकर अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि पंचायतों द्वारा साफ्टवेयर के माध्यम से पीएफएमएस से भुगतान किया जा रहा है, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण टीडीएस का विकल्प नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ पंचायतों द्वारा किए गए टीडीएस की राशि उनके बैंक खाते में पड़ी है, जिसे चालान 281 के माध्यम से केंद्र सरकार के खाते में जमा कर दें।
आयकर अधिकारी ने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों के पास टैन नंबर उपलब्ध नहीं है, वे फार्म 49 बी भरकर आवेदन कर सकते हैं। इससे उन्हें एक सप्ताह में टैन नंबर प्राप्त हो जाएगा। इसके लिए फार्म 49 की प्रति उपलब्ध कराई गईं। टीडीएस धनराशि को भारत सरकार के खाते में जमा करने के लिए चालान आईटीएनएस 281 की प्रतियां अधिकारियों को उपलब्ध कराई गईं। उन्होंने चेताते हुए कहा कि टीडीएस कटौती किए बगैर धनराशि का भुगतान करने वाले उत्तरदायी अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
आयकर अधिकारी ने कहा कि 14वें वित्त आयोग की संस्तुति के बाद केंद्र व राज्य सरकार पंचायतों के फंड को सीधे ग्राम पंचायत के खाते मेें भेज रही हैं और पंचायतें ठेकेदारों को टीडीएस काटे बिना धनराशि का भुगतान कर रही हैं। उन्होंने एडीओ, ग्राम पंचायत अधिकारियों को टीडीएस कटौती में अनियमितता के बाद की जाने वाली कार्रवाई के बारे में बताया। कार्यशाला में सीडीओ अरविंद सिंह, डीपीआरओ सौम्यशील सिंह, आयकर निरीक्षक अंकुर पांडेय समेत एडीओ पंचायत व सचिव मौजूद रहे।