- राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी के मुखिया वीएम ने उठाया तल्ख सवाल
- किसानो को बार-बार छले जाने से जनप्रतिनिधियों से और सरकार से थे खफा
राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी के मुखिया वीएम सिंह रविवार को गन्ना भुगतान और परेशानियों के मामले को लेकर काफी तल्ख दिखाई दिए। उन्होंने किसानों से पूछा कि उन्हें क्या कहोगे जो पार्टियों से दो-दो करोड़ रुपये का टिकट लेकर आते हैं और जीत कर चले जाते हैं, नेता या फिर दलाल।
किसान नेता राय पैलेस में आयोजित एक सभा को संबोधित कर रहे थे। कहा कि न जनप्रतिनिधि न सरकार, किसानों को पीछे जब भुगतान मिला था वह कोर्ट की देन थी। बोले, विधानसभा में एक भी किसान नहीं है जो किसानों के दर्द को उठा सके। कहा कि खाऊ कमाऊ नीति के चलते मिल को सरकार का खौफ नहीं है, लेकिन किसानों की सरकार हो तो भुगतान भी होगा और मूल्य निर्धारण भी ढंग का। श्री सिंह ने कहा कि 25 सालों की सरकारों की देन है किसानों की बदहाली, इससे पहले की सरकारों में फिर भी कुछ गनीमत थी कि वह किसानों की फिक्र करतीं थीं। सभा को सहकारी गन्ना विकास समिति चेयरमैन विकास कपूर, वाइस चेयरमैन फरजंद अली बुंदू मियां, पूर्व चेयरमैन सुखदेव सिंह सुक्खा, शेर सिंह सेखों, सुहैल खान, महंगापुर प्रधानपति राम सिंह, पार्टी के विधानसभा उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह सोनी आदि ने संबोधित किया। संचालन विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष मनप्रीत सिंह ने किया। इसमें पतवारा प्रधान प्रेमसागर, जसवंत सिंह, कर्मजीत सिंह, चौखड़ा से लाडी प्रधान, रामनरेश, रिंटू शर्मा आदि तमाम लोग मौजूद रहे।
....तो पहना ही गए अब किसान राजनीति को जामा
किसान मजदूर पार्टी के गठन के बाद से अब श्री सिंह ने किसान राजनीति को यहां जामा पहनाया और सत्ता ही सभी पार्टियों पर निशाना साधा। उनकी तल्खी बता रही थी कि अब उनकी पार्टी पूरी तरह से मैदान में है और इसके लिए उनकी पहली रणनीति किसान को जागरूक कर उसकी ताकत का एहसास करना है।
11 जून को होगा विधानसभा कार्यकर्ता सम्मेलन
पार्टी के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष मनप्रीत सिंह ने बताया कि पार्टी का विधानसभा कार्यकर्ता सम्मेलन 11 जून को होगा। कहा, अब वक्त आ गया है किसानों को बेवकूफ बनाने वाली राजनीतिक पार्टियों को जवाब देने का। किसान खुद अपना उम्मीदवार तय करेंगे और लड़ाएंगे। इसके लिए वह खुद धन एकत्र करेंगे। उन्होंने कहा कि तैयारियां शुरू हो गईं हैं जल्द ही एक किसान उम्मीदवार सामने होगा।