रामापुर मार्ग पर जाता ट्रैक्टर ट्राली। संवाद
लखीमपुर खीरी। सड़क हादसों को रोकने के लिए अब ट्रालियों का भी पंजीकरण कराया जाएगा। उनमें भी अन्य वाहनों की हाई-सेक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई जाएगी, ताकि अगर कहीं हादसा होता है, तो आसानी से मालिक का पता लगाया जा सके।
वैसे तो परिवहन विभाग की यह पुरानी व्यवस्था है। लेकिन, अभी किसी भी ट्राली का पंजीकरण नहीं कराया गया। विभाग अब सख्ती से पंजीकरण कराने और हाई-सिक्योटिरी नंबर प्लेट लगाने पर जोर दे रहा है। इसको लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। ट्राॅली निर्माण करने वाले निर्माताओं को भी परिवहन विभाग में अपना पंजीयन करना होगा। निर्माण के लिए दिए गए मानकों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी, जिससे हादसे के बाद आसानी से ट्राॅली या ट्रेलर मालिक का पता चल जाएगा। परिवहन विभाग नए वित्तीय सत्र से ट्राॅली और ट्रेलर का पंजीकरण शुरू करा देगा।
उस पर चेसिस और रजिस्ट्रेशन नंबर पड़ेगा। जनपद में वैसे तो 15 हजार से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली हैं, लेकिन आरटीओ कार्यालय में मात्र 35 ट्रैक्टर कॉमर्शियल में पंजीकृत हैं। जबकि अधिकतर ट्रैक्टर-ट्राॅली भट्ठों से ईंट पहुंचाने और भवन निर्माण सामग्री विक्रेता के दुकानदारों के भरोसे चल रही हैं।
मानक विहीन ट्रैक्टर-ट्राॅली और ट्रेलर से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शासन के निर्देश पर विभाग अब इन पर सख्ती बढ़ाने जा रहा है। साथ ही ट्रैक्टर और ट्रेलर निर्माण करने वाले वर्कशॉप को भी मानकों के मुताबिक, ट्राॅली व ट्रेलर निर्माण करना होगा, जिससे आकार दुर्घटना का कारण न बनने पाए। संवाद