न्यायिक आयोग के अध्यक्ष ने पहले दिन घटनास्थल पर तीन घंटे की जांच पड़ताल
जांच के दौरान रास्ता बंद किए जाने से कई घंटे तक यातायात रहा बाधित, क्षेत्रीय लेखपाल ने बनाया नक्शा
तिकुनिया (लखीमपुर खीरी)। बहुचर्चित तिकुनिया कांड की न्यायिक जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने अपनी जांच प्रारंभ कर दी है। पहले दिन बुधवार को उन्होंने घटनास्थल पर पहुंचकर करीब तीन घंटे जांच पड़ताल की। घटनास्थल की पैमाइश कर रोड का नक्शा क्षेत्रीय लेखपाल ने बनाया। जांच के दौरान सड़क के दोनों ओर बैरियर लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया, जिससे कई घंटे तक यातायात बाधित रहा।
तीन अक्तूबर 2021 को हुए तिकुनिया कांड में चार किसान सहित आठ लोग मारे गए थे, जिसके बाद से जांच प्रक्रिया अभी जारी है। दोनों पक्षों की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर अब तक 17 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। इस कांड की न्यायिक जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रदीप कुमार श्रीवास्तव पूर्वान्ह करीब 11:00 बजे घटनास्थल पर पहुंचे, जिससे पहले पुलिस ने सड़क के दोनों ओर बैरियर लगाकर आवागमन रोक दिया। इसके बाद विधिवत घटनाक्रम की जांच प्रारंभ की गई।
सेवानिवृत्त न्यायाधीश के निर्देश पर टीम ने रोड की पैमाइश कराई। अधिकारियों ने सीओ सौरभ जायसवाल व कोतवाली प्रभारी बालेंद्र गौतम से घटनाक्रम की बाबत जानकारी ली। इसके बाद क्षेत्रीय लेखपाल सोनू मौर्य से रोड का नक्शा बनवाया गया। न्यायिक आयोग के अध्यक्ष ने करीब तीन घंटे तक मौके पर जांच पड़ताल की। इसके बाद करीब दो बजे तिकुनिया से चीनी मिल बेलराया गेस्ट हाउस के लिए रवाना हो गए। इस जांच के दौरान एसडीएम श्रद्धा सिंह, सीओ सौरभ कुमार जायसवाल, कोतवाली प्रभारी बालेंद्र गौतम समेत पुलिस बल मौजूद रहा।
धर्मेंद्र, रिंकू राणा और उल्लास की जमानत अर्जी पर सुनवाई आज
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड के मामले में जहां मुख्य आरोपी आशीष मिश्र की जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है, वहीं तीन और हत्या अभियुक्तों, धर्मेंद्र, रिंकू राणा और उल्लास की ओर से जिला जज मुकेश मिश्र की अदालत में आज जमानत अर्जी पर सुनवाई होनी है।
बताते चलें कि तीन अक्तूबर को तिकुनिया कस्बे में किसानों के विरोध आंदोलन के दौरान थार गाड़ी से कुचलकर किसानों की हत्या के मामले में एसआईटी ने आशीष मिश्र मोनू सहित 14 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। इनमें से आशीष मिश्र मोनू, आशीष पांडे और लवकुश राणा की ओर से दी गई जमानत अर्जी खारिज हो गई थी।
वहीं धर्मेंद्र बंजारा, रिंकू राणा और उल्लास उर्फ मोहित त्रिवेदी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राम आशीष मिश्रा द्वारा अलग से जमानत अर्जी दाखिल की गई थी, जिस पर 18 नवंबर की तिथि मुकर्रर है। डीजीसी क्रिमिनल अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि तिकुनिया कांड में जमानत अर्जी का विरोध किया जाएगा। हत्या आरोपियों से जुड़ी क्रिमिनल हिस्ट्री भी पेश करने के लिए तिकुनिया पुलिस को आदेशित किया गया है। उनके तरफ से समस्त प्रपत्र सहित जमानत याचिका पर अपना पक्ष रखने की तैयारी की गई है।
क्रॉस केस मामले में आरोपियों की न्यायिक हिरासत एक दिसंबर तक बढ़ी
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड के क्रॉस केस मामले में बुधवार को आरोपी विचित्र सिंह, गुरमिंदर सिंह, रणजीत सिंह और अवतार सिंह की न्यायिक अभिरक्षा की अवधि पूरी हो चुकी थी। क्रॉस केस अपराध संख्या 220 के विवेचक की ओर से आरोपियों की जूडिशियल कस्टडी आगे 14 दिनों तक और बढ़ाने का अनुरोध करते हुए बताया गया कि अभी जांच पूरी नहीं हो सकी है, इसलिए चारों हत्यारोपियों के खिलाफ जांच करने तक इन्हें न्यायिक अभिरक्षा में रखा जाना चाहिए। सीजेएम चिंताराम ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जेल में बंद चारों आरोपियों को चेक करने के बाद एक दिसंबर 2021 तक के लिए क्रॉस केस मामले के आरोपियों की न्यायिक अभिरक्षा मंजूर कर ली है। संवाद