लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर मंगलवार को भी जिला अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी। जिला शासकीय अधिवक्ता की ओर से डिस्चार्ज एप्लीकेशन पर जवाब के लिए अदालत से समय मांगे जाने पर अदालत ने 10 दिन की मोहलत देते हुए अगली सुनवाई के लिए सात जून की तारीख मुकर्रर की है।
तिकुनिया कांड मामले में मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालती सुनवाई शुरू हुई तो डीजीसी की ओर से चार आरोपियों के डिस्चार्ज एप्लीकेशन को बेबुनियाद बताते हुए उनके खिलाफ आपत्ति दाखिल की गई। डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि सघन जांच के बाद पर्याप्त सबूतों के आधार पर आरोप पत्र दाखिल हुआ है, जिसका संज्ञान लिया जा चुका है।
इस स्तर पर अभियुक्तों को डिस्चार्ज नहीं किया जा सकता। अपनी आपत्ति दाखिल करते हुए उन्होंने बताया कि आशीष मिश्र मोनू, आशीष पांडे, लवकुश राणा और सुमित जायसवाल के डिस्चार्ज प्रार्थनापत्रों पर पहले ही आपत्ति दाखिल की जा चुकी है। धर्मेंद्र बंजारा सहित चार आरोपियों के खिलाफ मंगलवार को आपत्ति दाखिल की गई है।
वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ की ओर से प्रस्तुत किए गए अंकित दास, लतीफ उर्फ काले, सत्यम त्रिपाठी, नंदन सिंह बिष्ट सहित पांच आरोपियों के खिलाफ डिस्चार्ज प्रार्थनापत्रों पर शासकीय पक्ष से अभी आपत्ति नहीं तैयार हो सकी है, लिहाजा उन्हें आपत्ति दाखिल करने के लिए समय दिया जाए।
इस पर जिला जज मुकेश मिश्र ने लगातार हो रहे विलंब का जिक्र करते हुए नाराजगी भरे लहजे में शासकीय अधिवक्ता को 10 दिनों का समय दिया है और निर्देशित किया कि तय समय अवधि के भीतर ही इन प्रार्थना पत्रों पर शासकीय पक्ष रखा जाए। इस मामले में आरोप तय करने को लेकर निर्णायक सुनवाई 7 जून को की जाएगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश दुबे, अवधेश सिंह, राम आशीष मिश्र, चंद्र मोहन सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे।