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तिकुनिया कांडः जेल में बंद 13 आरोपियों की न्यायिक अभिरक्षा 14 दिसंबर तक बढ़ाई गई

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प्रतीकात्मक
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220 नंबर एफआईआर के चार आरोपी 15 दिसंबर तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल में रहेंगे
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में 219 नंबर एफआईआर के मामले में जेल में बंद सभी 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिसंबर तक और बढ़ गई है, जबकि 220 नंबर एफआईआर के चार आरोपी 15 दिसंबर तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल में ही रहेंगे।
बुधवार को विवेचक विद्या राम दिवाकर ने कोर्ट को आशीष मिश्र मोनू सहित जेल में बंद 13 आरोपियों के खिलाफ जांच पूरी न हो पाने की बात कहते हुए अनुरोध किया कि उन्हें विवेचना के लिए और समय दिया जाए, जिस पर सीजेएम चिंताराम ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जेल में बंद आरोपियों की पड़ताल के बाद सभी तेरह आरोपियों की न्यायिक हिरासत को आगे बढ़ाते हुए 14 दिसंबर तक उन्हें जिला कारागार में रखने के लिए अधीक्षक जिला जेल खीरी को आदेशित किया है। उधर, कोर्ट ने 220 नंबर एफआईआर के चार आरोपियों की न्यायिक अभिरक्षा 15 दिसंबर तक बढ़ा दी है।
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सुमित जायसवाल की जमानत पर सुनवाई 15 दिसंबर को
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में सुमित जायसवाल की जमानत अर्जी पर जिला जज मुकेश मिश्र की अदालत में बुधवार को भी सुनवाई नहीं हो सकी। अभियोजन पक्ष की ओर से समय देने की बात कहते हुए स्थगन दिया गया था, जिसे मंजूर करते हुए जिला जज ने अगली सुनवाई के लिए 15 दिसंबर की तारीख मुकर्रर की है।
तिकुनिया हिंसा में मारे गए प्रदर्शनकारी किसानों के मामले में दर्ज एफआईआर के खिलाफ क्रॉस केस की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले भाजपा सभासद सुमित जायसवाल मोदी की जमानत अर्जी सुनवाई के लिए बुधवार को जिला जज की अदालत में लगी हुई थी, लेकिन जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि फॉरेंसिक लैब रिपोर्ट समेत अभी कई अहम गवाहों के बयान दर्ज कराए जाने हैं। इसलिए अभियोजन टीम को समय दिया जाए। इस पर जिला जज मुकेश मिश्रा ने जमानत सुनवाई आगे बढ़ाते हुए जमानत अर्जी के निस्तारण के लिए 15 दिसंबर की तारीख मुकर्रर की है। उम्मीद यह भी है कि तब तक मुख्य आरोपी आशीष मिश्र मोनू के जमानत की स्थिति भी स्पष्ट हो सकती है। क्योंकि आशीष मिश्र मोनू की जमानत अर्जी पर हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए 10 दिसंबर की तारीख मुकर्रर है। संवाद

रिपोर्ट दर्ज कराने की अर्जी पर फैसला छह दिसंबर को
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा में मारे गए पत्रकार रमन कश्यप के भाई पवन कश्यप की अर्जी पर बुधवार को सुनवाई पूरी हो गई। पवन ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी समेत 14 आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराने के लिये सीजेएम अदालत में अर्जी दी थी। सीआरपीसी की 156/3 की इस अर्जी पर पुलिस की आख्या मिलने पर बुधवार को सुनवाई पूरी हुई। सीजेएम चिंताराम के समक्ष वादी के अधिवक्ता मोहम्मद ख्वाजा ने बताया कि मौके की तस्वीरों के साथ ही मौजूद लोगों ने भी यह स्पष्ट किया है कि किस बेरहमी के साथ पत्रकार रमन कश्यप को नामजद आरोपियों ने मौत के घाट उतार दिया है। अर्जी पर बल देते हुए मोहम्मद ख्वाजा ने कहा कि गंभीर मामले की रिपोर्ट दर्ज होनी आवश्यक है। क्योंकि उनके भाई की हत्या हुई है, जिसकी रिपोर्ट दर्ज किया जाना आवश्यक है। सीजेएम चिंताराम ने सुनवाई के बाद फैसले के लिए 6 दिसंबर की तारीख लगाई है। संवाद

आईजी पद्मजा ने शुरू की जांच की समीक्षा
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में डीआईजी सहारनपुर के दो दिवसीय दौरे के बाद बृहस्पतिवार को आईजी पद्मजा चौहान भी तीन दिवसीय दौरे पर आई हैं। उन्होंने पहले दिन पुलिस लाइंस स्थित क्राइम ब्रांच के आफिस में पहुंचकर तिकुनिया कांड से संबंधित फाइलों और अभिलेखों की जांच की है। करीब तीन घंटे तक आईजी क्राइम ब्रांच दफ्तर में रहीं। इसके बाद गेस्ट हाउस पहुंचीं। 
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तीन अक्तूबर 2021 को हुए तिकुनिया कांड में आठ लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से मुकदमे दर्ज कराए गए थे। मामले में अब तक डीआईजी सहारनपुर प्रीतिंदर सिंह जांच कर चुके हैं, जिसके बाद बुधवार को आईजी पद्मजा चौहान जांच करने क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचीं। सूत्र बताते हैं कि उन्होंने तिकुनिया कांड में अब तक गवाहों के दर्ज कराए गए बयानों का अवलोकन किया। दोनों पक्षों की ओर से दर्ज रिपोर्ट को देखा और अभिलेखों की जांच-पड़ताल की। अभी वह दो दिन और रुककर इस मामले की विस्तृत जांच करेंगी। इसके अलावा जांच टीम में शामिल रिटायर जज व एडीजी इंटेलीजेंस भी तिकुनिया कांड की जांच करने के लिए शुक्रवार को आएंगे। सूत्र बताते हैं कि एक सप्ताह या अधिकतम दो सप्ताह के अंदर यह टीम अपनी जांच पूरी कर लेगी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रिपोर्ट प्रस्त़ुत करेंगी।
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