तिकुनिया कांड में अभियुक्त अंकित दास सहित पांच आरोपियों की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ ने गुरुवार को सीजेएम कोर्ट में कानूनी प्रावधान 207 सीआरपीसी का जिक्र करते हुए लिखित अर्जी दाखिल की और बताया कि तीन महीने से आरोपी जिला जेल में हैं। उन्हें चार्जशीट दाखिला के साथ ही नकल दी जानी चाहिए थी। लेकिन तीन दिनों बाद भी नकल नहीं दी गई है।
शुक्रवार शाम तक मिल सकती है नकल
इस पर सीजेएम चिंताराम ने बताया कि चार्जशीट पर संज्ञान लेते समय ही उन्होंने नकल बनवाने के लिए आदेशित किया था। वहीं एसपीओ एसपी यादव ने बताया कि बहुत लंबी चौड़ी चार्जशीट होने के कारण नकल को तैयार किए जाने में समय लग रहा है। एक बार एसआईटी की ओर से यह तय होने के बाद कि आरोपियों को केस डायरी में से कौन-कौन नकल पाने के लिए आरोपी पात्र हैं, उनके लिए बनवाई जा रही हैं। उम्मीद है शुक्रवार की शाम चार बजे तक नकल दी जा सकती है। इस पर सीजेएम ने अर्जी पर सुनवाई के लिए शुक्रवार के लिए सुनवाई टाल दिया है।
अंकित दास सहित पांच अन्य आरोपियों ने भी पेश की जमानत अर्जी
तिकुनिया कांड में लखनऊ निवासी अंकित दास सहित पांच आरोपियों की ओर से बृहस्पतिवार को सीजेएम कोर्ट में नया जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। हालांकि, इससे पूर्व में ही आरोपियों की ओर से दी गई जमानत अर्जी अदालत से खारिज हो चुकी है लेकिन चार्जशीट दाखिला के बाद नई धाराएं भी बढ़ाई गई हैं।
इस वजह से वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ ने आरोपी अंकित दास, लतीफ उर्फ काले, सत्यम त्रिपाठी, नंदन सिंह बिष्ट और शेखर भारती की ओर से नया जमानती प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। अदालत को बताया कि पांचों आरोपी निर्दोष हैं। इनका मामले से कोई लेना देना नहीं है। उन्हें गलत ढंग से फंसाया जा रहा है।
वहीं सीजेएम कोर्ट में वकील ने उल्लिखित धाराओं में नया जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई ढाई बजे दोपहर में हुई तो सीजेएम चिंताराम ने पूछा कि इन आरोपियों की ओर से कोई अर्जी पूर्व में दाखिल है या नहीं, लंबित है या निस्तारित है। इस बारे में कोई सूचना नहीं दी गई है। इसलिए इस बारे में अभियुक्त के पैरोकार की ओर से शपथ पत्र दाखिल किया जाना चाहिए।
जेल में बंद सभी आरोपियों की ओर से पेश हो चुकी है जमानत अर्जी
तिकुनिया कांड में चार्जशीट दाखिला के बाद बुधवार को वरिष्ठ अधिवक्ता रामाशीष मिश्र की ओर से सुमित जायसवाल सहित सात आरोपियों की जमानत अर्जी नई धाराओं में सीजेएम कोर्ट में दाखिल की जा चुकी है। बृहस्पतिवार को भी डिफेक्ट रिमूव (आवेदन में कमी) न होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी जिन्हें शुक्रवार को लगाया गया है।
वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ की ओर से अंकित दास सहित पांच आरोपियों की ओर से जमानत अर्जी बृहस्पतिवार को दाखिल की है। इस तरह जेल में बंद कुल आरोपियों में से सभी आरोपियों की ओर से जमानत अर्जी अदालत में लंबित हो चुकी है, जिसमें 12 आरोपियों की अर्जी सीजेएम कोर्ट में है तो आशीष मिश्र मोनू की जमानत अर्जी हाईकोर्ट लखनऊ बेंच में विचाराधीन चल रही है।
हाईकोर्ट में 11 को सुनवाई
बृहस्पतिवार को जमानत अर्जी पर सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने रिज्वाइंडर एफिडेविट दाखिल करने के लिए समय देते हुए 11 जनवरी के लिए हाईकोर्ट में सुनवाई आगे बढ़ा दी है। वहीं शेष आरोपियों की ओर से सीजेएम कोर्ट में शुक्रवार को अगर शपथ पत्र दाखिल करते हुए डिफेक्ट रिमूव किया जाता है, तो उसी दिन निस्तारण की उम्मीद है।