लखीमपुर खीरी जिले में मोहम्मदी रेंज क्षेत्र के गांव परवस्तनगर के समीप खेत में सोमवार को एक बाघिन मृत मिली। यह खेत जंगल से महज पांच सौ मीटर दूर पर है। पांच डॉक्टरों के पैनल ने बाघिन का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पेट में अंदरूनी चोट से बाघिन की मौत होने की बात कही गई है, लेकिन शरीर पर कोई घाव का निशान नहीं है। ऐसा वन विभाग के अधिकारी कह रहे हैं, लेकिन वन कर्मियों का कहना है कि बाघिन वन्यजीवों के संघर्ष में चोटिल हुई। तभी उसके चोट आई थी। बाघिन को रेंज कोठी परिसर में दफना दिया गया है।
मोहम्मदी रेंज की देवीपुर बीट जंगल से करीब आधा किलोमीटर दूर ग्राम परवस्त नगर निवासी किसान रामदयाल के गेहूं के खेत में बाघिन का शव मिला। डीएफओ संजय विश्वाल मौके पर पहुंचे और जांच की। इसके बाद उनकी मौजूदगी में बाघिन के शव को महेशपुर रेंज कोठी लाया गया। जहां पांच डॉक्टरों में डब्ल्यूटीआई के डॉक्टर राघवेंद्र प्रताप सिंह, कर्तनीय घाट के डॉक्टर दीपक वर्मा, डब्लूडब्लूएफ के दबीर हसन रेहरिया के डॉक्टर पुष्पेंद्र कुमार, उचौलिया के डॉक्टर अरुण कुमार ने उसका पोस्टमार्टम किया।
डीएफओ संजय विश्वाल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाघिन की मौत पेट में अंदरूनी चोट से होना दर्शाया गया है। बाघिन की उम्र करीब 10 वर्ष है। रेंजर नरेश पाल सिंह ने बताया कि डीएफओ के निर्देश पर बाघिन के शव को रेंज कोठी परिसर में दफना दिया है। माना जा रहा है कि बाघिन के पेट में चोट किसी वन्य जीव से हुए संघर्ष में लगी होगी और यही चोट उनकी मौत की वजह बनी होगी।