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Lakhimpur Kheri News: ट्रेन की चपेट में आकर बाघ का शावक घायल

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पिंजरे में कैद कर घायल बाघ शावक का इलाज शुरू किया गया। स्त्रोत-डीटीआर।
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बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन में बांकेगंज-मैलानी रेल खंड के बीच शुक्रवार सुबह ट्रेन की चपेट में आने से बाघ का शावक गंभीर रूप से घायल हो गया। सात से आठ माह के मादा शावक को रेस्क्यू कर महुरेना गेस्ट हाउस में उसका इलाज शुरू कर दिया गया है। वहीं, वन्यजीव अधिनियम के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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मैलानी रेंज के जंगल से गुजरी रेलवे लाइन पर बांकेगंज-मैलानी खंड के बीच किलोमीटर 187 और हेक्टोमीटर 3/4 के पास शुक्रवार सुबह बाघ का शावक किसी ट्रेन की चपेट में आ गया। शावक छह माह का है। उसके पिछले हिस्से पर ट्रेन की टक्कर लगने से शावक ट्रैक के किनारे झाड़ियों में जा गिरा। जंगल में गश्त कर रही वन कर्मियों की टीम ने घायल शावक को देखकर इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन डीएफओ सौरीष सहाय पशु चिकित्सकों और वन कर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बाघ शावक को रेस्क्यू करने का प्रयास शुरू कर दिया। कुछ देर बाद दुधवा टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डॉक्टर दीपक कुमार ने शावक को बेहोश किया। एफडी ललित कुमार वर्मा के निर्देश पर वन कर्मियों की टीम उसे पिंजरे में डालकर महुरेना गेस्ट हाउस ले गई। जहां इलाज किया जा रहा है।
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शावक का इलाज डॉ. दीपक के अलावा पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डॉक्टर दक्ष गंगवार की निगरानी में हो रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक शावक की उम्र सात से आठ माह है। वह मादा है। दाहिने पैर में गंभीर चोट है।
बफरजोन डीएफओ सौरीष सहाय ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच के बाद जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
ट्रेन की चपेट में आकर तीन चीतल और एक भालू की हो चुकी है मौत
बांकेगंज-मैलानी रेल खंड पर एक साल पहले ट्रेन की चपेट में आने से तीन चीतल और एक भालू की मौत हो चुकी है। 13 जनवरी 2023 को महुरेना बीट जंगल से गुजरे रेल ट्रैक पर बांकेगंज छोटी नहर पुल के आगे पिलर संख्या 182/10 के पास हादसा हुआ था। केहूं के खेत में चर रहे तीन चीतल सुबह मैलानी से लखनऊ जा रही पैसेंजर ट्रेन की आवाज सुनकर रेलवे ट्रैक क्रॉस करने लगे। इस बीच ट्रेन की चपेट में आकर तीनों की मौत हो गई। इसमें दो नर और एक गर्भवती मादा चीतल थी। इसी रेल खंड पर 27 जून 2023 को रात 11 बजे करीब पिलर संख्या 185/7 व 185/8 के मध्य एक भालू रेल ट्रैक पार कर रहा था। डॉलीगंज-मैलानी पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आकर नर भालू की मौत हो गई। वन विभाग ने अज्ञात लोको पायलट के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था।
जंगल में ट्रेन को सतर्कता पूर्वक चलाने के हैं निर्देश
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के जंगल में पड़ने वाले मैलानी रेंज में मैलानी-बांकेगंज रेल खंड पर करीब 12 किलोमीटर की दूरी में ट्रेन जंगल से होकर गुजरती है। जंगल के अंदर लोको पायलटों को तीस किलोमीटर प्रति घंटा की गति से सतर्कता पूर्वक ट्रेन चलाने के निर्देश हैं। हादसे के वक्त ट्रेन की स्पीड क्या रही होगी, यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा।

पिंजरे में कैद कर घायल बाघ शावक का इलाज शुरू किया गया। स्त्रोत-डीटीआर।

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