लखीमपुर खीरी। पड़ोसी जिला सीतापुर में चार दिन पहले पकड़े गए बाघ को कानपुर के चिड़ियाघर भेजा गया है। इस बाघ ने सीतापुर में बीते दो माह से दहशत फैला रखी थी। बीते अगस्त में इस बाघ ने वहां एक ग्रामीण को हमला कर मार भी डाला था, तभी से इसको पकड़ने के लिए वन विभाग लगा हुआ था।
सीतापुर के महोली क्षेत्र में इस बाघ का खासा आतंक था। क्षेत्र के नरनी गांव में बीती 22 अगस्त को वहीं के निवासी सौरभ दीक्षित को बाघ ने मार डाला था।
इसके बाद से बाघ को पकड़ने के प्रयास वन विभाग ने तेज किए और बीते रविवार को ट्रैंक्युलाइज करके बाघ को पकड़ा गया था। अधिकारियों के बीच इस बाघ को दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल में छोड़ने पर बात हुई थी, लेकिन दुधवा प्रशासन इसके लिए तैयार नहीं हुआ।
सीतापुर के डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि नरनी गांव में पकड़े गए बाघ को कानपुर चिड़ियाघर भेजा गया है। उधर, दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन का कहना है कि बाघ को दुधवा में छाेड़ने के लिए कोई औपचारिक लिखत-पढ़त नहीं हुई थी, चर्चा आई थी, जिस पर मना कर दिया गया था।