वन कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए
गोला पश्चिम जंगल में जाने के लिए बाघ को सड़क पार करनी पड़ती। व्यस्त मार्ग होने के कारण बाघ जंगल जाने के बजाए सड़क किनारे झाड़ियों में बैठ गया। इस बीच वहां काफी भीड़ एकत्र हो गई। बाघ देखने के लिए सड़क पर भीड़ जुट गई। भीड़ पर बाघ के हमला करने के डर से वन कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेंजर गोला संजीव तिवारी ने गोला पुलिस को सूचना दी। वन विभाग ने सड़क के दोनों ओर रास्ता भी ब्लॉक कर दिया। ताकि बाघ बिना व्यवधान के सड़क पार कर जंगल में चला जाए।
इस बीच भीड़ में शामिल थाना हैदराबाद क्षेत्र के अल्लीपुर गांव निवासी योग शिक्षक शशिकांत दीक्षित बाघ की फोटो नजदीक से लेने पहुंच गए। इस पर बाघ ने उन पर हमला कर दिया। इससे वह गंभीर घायल हो गए। बाघ के हमले से सड़क पर भगदड़ मच गई। तमाशबीन बने लोगों को जिधर रास्ता मिला, उधर भाग खड़े हुए। काफी देर तक दोनों ओर आवागमन बंद रहा। मौके पर मौजूद वन विभाग और पुलिस की टीम ने बाघ हमले में घायल शिक्षक को गोला सीएचसी में भर्ती कराया। जहां उसकी हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
सैकड़ों की भीड़ ने बाघ को खेतों में दौड़ाया
हमला करने के दौरान सैकड़ों लोगों की घेराबंदी से बाघ भी डर गया। वह बांकेगंज-रोड किनारे झाड़ियों में छिपकर बैठ गया। इस बीच घटनास्थल के आसपास भीड़ ने शोर मचाते हुए बाघ को झाड़ियों से भी खदेड़ दिया। इसके बाद बाघ सड़क पार करते हुए खेतों की ओर भागने लगा। सैकड़ों ग्रामीणों ने बाघ का पीछा किया। भीड़ से डरा बाघ काफी देर तक खेतों में भागता रहा। ग्रामीण हल्ला मचाते हुए बाघ के पीछे-पीछे दौड़ते रहे। इस दौरान बाघ ओझल हो गया। वन कर्मियों और पुलिस के समझाने बुझाने के बाद ग्रामीणों की भीड़ वहां से बमुश्किल हटी।
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के रेंजर गोला संजीव तिवारी ने बताया कि कुरैया गांव के खेत में और बांकेगंज-गोला रोड पर बाघ हमले में तीन लोग घायल हुए हैं। बाघ रोड क्रास कर जंगल जाने की कोशिश में था,लेकिन भीड़भाड़ के चलते वह रोड किनारे झाड़ियों में छिपकर बैठा था। भीड़ हटने के बाद बाघ रोड पार कर जंगल में चला गया है।