लखीमपुर खीरी। 22 साल पहले शहर में दिनदहाड़े महिला के गले से चेन लूटने के मामले में एडीजे रेनू सिंह ने लुटेरे को तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
शहर के इमली चौराहे पर 12 अक्तूबर 2003 को नीलम मिश्रा अपनी देवरानी सुकेशी मिश्रा के साथ रिक्शे से जा रहीं थीं, तभी चौराहे पर दो लुटेरों ने पीछे से झपट्टा मारकर नीलम मिश्रा के गले से सोने की चेन छीन लिया था। महिलाओं के शोर मचाने पर आसपास के राहगीरों ने दौड़कर लुटेरों को पकड़ लिया था। इनमें सुआगाड़ा निवासी गुड्डू रस्तोगी और दिल्ली निवासी मुश्ताक को मौके पर पकड़ा गया था।
इस मामले में नीलम मिश्रा के पति चंद्रशेखर मिश्र ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अदालत की सुनवाई के बीच ही मुश्ताक ने जुर्म इकबाल कर लिया था, जबकि कुछ समय बाद गुड्डू जमानत मिलने के बाद फरार हो गया था। उसके हिरासत में आने के बाद सुनवाई आगे बढ़ी तो नीलम मिश्रा, चंद्रशेखर मिश्र और रिटायर्ड दरोगा जनार्दन राय ने अपने बयान दर्ज कराए थे।
पकड़े गए आरोपियों पर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट भी लगाया था। बृहस्पतिवार को एडीजे रेनू सिंह ने फैसला सुनाते हुए गुड्डू रस्तोगी को लूट के मामले में दोषी पाया है। उसे तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई है और पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं अदालत ने गैंगस्टर एक्ट से दोष मुक्त किया है।