लखीमपुर खीरी। शहर में दो महीनों के भीतर तीन लोगों के चीनी मांझे की चपेट में आने से गंभीर चोटें लगीं, लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस अब भी सख्त कदम उठाने में विफल हैं। हाल यह है कि कई दुकानों में यह घातक मांझा चोरी-छिपे बिका जा रहा है।
सबसे पहली घटना 14 जनवरी को हुई, जब शहर से सटे गांव लीलाकुआं निवासी गुड्डू वर्मा ओवरब्रिज से गुजरते समय मांझे में फंस गए और गर्दन में गंभीर चोट आई। दूसरी घटना लगभग एक सप्ताह पहले शहर के एक अधिवक्ता के साथ हुई। तीसरी घटना भरतपुरी कॉलोनी निवासी सुरेंद्र श्रीवास्तव के साथ हुई। गनीमत रही कि इन तीनों में सभी ही घायल हुए, कोई मौत नहीं हुई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी मांझे की चपेट में आने से मृत्यु होने पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे, लेकिन जिले में चीनी मांझे का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।
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चीनी मांझे से कटने की कोई तहरीर नहीं मिली है। जल्द ही अभियान चलाकर ऐसे दुकानदारों की पहचान की जाएगी, जो इस खतरनाक कारोबार में लिप्त हैं।
-राजेश कुमार सिंह, इंस्पेक्टर सदर