फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Kheri News: खाद का हिसाब नहीं, सवाल बेहिसाब

Tue, 23 Jun 2026 12:38 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
विज्ञापन
राजेंद्र उर्फ छेड़ी लाल
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। जिले में खाद का हिसाब भले दुरुस्त बताया जा रहा हो, लेकिन जमीनी हालात कई सवाल खड़े कर रहे हैं। विभाग पर्याप्त उपलब्धता और लक्ष्य से अधिक आवंटन का दावा कर रहा है, जबकि पड़ताल में अधिकांश समितियों पर किसान खाद के लिए भटकते मिले। कहीं स्टॉक खत्म है, कहीं वितरण रुका हुआ है और कई केंद्रों पर खाद के लिए मारामारी की स्थिति बनी हुई है।
विज्ञापन

अफसरों के दावों की पड़ताल में अधिकांश निजी दुकानों पर खाद मिली, लेकिन समितियों पर दावों की पोल खुल गई। गोला के लाल्हापुर में यूरिया, डीएपी और पोटाश नहीं है। धौरहरा के नैनापुर, धौरहरा, जंगलवाली, हसनपुर कटौली, चकलाखीपुर और ईसानगर में भी खाद का टोटा है। मितौली में खाद होने के बावजूद नेटवर्क समस्या से वितरण नहीं हो सका। केशवापुर के निपानिया और भल्लिया बुजुर्ग में यूरिया है, लेकिन वितरण बंद है। अमीरनगर में नाममात्र का स्टॉक बचा है।
पलियाकलां के दाउदपुर, गोंदिया, पड़रिया तुला, बस्तौली, बिजुआ, भानपुर, भीरा, रमुआपुर, भदेड़ और मूडासवारान में ऋण वसूली के चलते वितरण नहीं हो रहा। किसानों का कहना है कि विभाग अपना खजाना भरने में लगा है, लेकिन किसानों की परेशानी की चिंता नहीं है। अधिकांश समितियों पर खाद नहीं है, जबकि जहां उपलब्ध है वहां भीड़ नियंत्रित करने के लिए पुलिस तक बुलानी पड़ रही है।
विज्ञापन

-
...तो ऐसे गहराई गड़बड़ी की आशंका
औरंगाबाद साधन सहकारी समिति से 223 बोरी खाद गायब होने का मामला सामने आ चुका है। सीडीओ के निर्देश पर जांच कराई जा रही है। गांव के रणधीर मिश्रा सहित कई किसानों ने सचिव सुरेश पाल और सहयोगी सुभाष शुक्ला पर 223 बोरी खाद गायब कराने का आरोप लगाया था।
-
चूल्हा-चौका छोड़ लाइन में लगीं महिलाएं भी
फूलबेहड़। खाद की मारामारी के बीच महिलाएं भी चूल्हा-चौका छोड़ कतार में लगी नजर आईं। सुंदरवल, मौजमाबाद और सैदापुर में वितरण हुआ, लेकिन फूलबेहड़ में टोटा रहा। कृभको और इफको केंद्रों पर किसानों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। अधिकांश केंद्रों पर टोकन व्यवस्था रही। पुलिस की मौजूदगी में खाद का वितरण हुआ। संवाद
-

खाद नहीं मिल पा रही है, जिसके चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समिति से कब खाद मिलेगी, यह भी पता नहीं चल पा रहा है।
-जसवीर सिंह, कफारा
-

इस समय खाद की बहुत जरूरत है, लेकिन नहीं मिल पा रही है। कई बार समिति पर खाद लेने गया, लेकिन स्टॉक शून्य होने की बात कहकर लौटा दिया गया।
-राजेंद्र उर्फ छेड़ीलाल, औरंगाबाद

खाद - जून तक लक्ष्य - जून तक उपलब्धता - जून तक वितरण - अवशेष वितरण
यूरिया - 81803 - 93192 - 69632 - 23560
डीएपी - 10510 - 10487 - 5509 - 4978
एनपीके - 9743 - 21458 - 7968 - 13490
एमओपी - 5076 - 2377 - 1010 - 1367
एसएसपी - 18820 - 34931 - 15978 - 198953

टैगिंग में 28 दुकानों के लाइसेंस निरस्त, नौ निलंबित, 41 को नोटिस
जिले में 1200 से अधिक निजी दुकानें हैं। सभी जगह पर्याप्त खाद का दावा है। यूरिया 266.50 रुपये और डीएपी 1350 रुपये प्रति बोरी है। कई दुकानदार खाद के साथ जिंक समेत अन्य सामान खरीदने का दबाव बनाते हैं। जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि टैगिंग की शिकायत मिलते ही कार्रवाई की जाती है। इस सीजन में अब तक नौ दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। 28 से अधिक दुकानों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। 41 से अधिक दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। पांच समितियों को भी नोटिस दिया गया है। उन्होंने बताया कि लक्ष्य से अधिक खाद का आवंटन हो चुका है। अब तक 20 से अधिक रैक आ चुकी हैं।

जिले में 132 समितियां हैं। लगातार खाद आ रही है, जिसे समितियों को आवंटित कर भेजा जा रहा है। ट्रांसपोर्टिंग की थोड़ी समस्या है। खाद वितरण की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसानों को दिक्कत न हो। कुछ जगह नेटवर्क की समस्या है।
विज्ञापन

-प्रवीण कुमार, एआर, को-ऑपरेटिव

राजेंद्र उर्फ छेड़ी लाल

राजेंद्र उर्फ छेड़ी लाल

राजेंद्र उर्फ छेड़ी लाल

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें