लखीमपुर खीरी। बेलरायां के संकुल स्तरीय संघ समिति (सीएलएफ) में कथित करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर कार्रवाई न होने से नाराज बड़ी संख्या में महिलाएं सोमवार को विकास भवन पहुंचीं। महिलाओं ने डीएम, सीडीओ और डीसी एनआरएलएम को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि शीतलापुर से मां लक्ष्मी को दो लाख रुपये ट्रांसफर किए गए, जबकि संबंधित समूह संगठन का सदस्य नहीं है। शक्ति ग्राम संगठन जसनगर को 11 लाख रुपये दिए गए, जबकि वह सीएलएफ से संबद्ध नहीं है। प्रकाश प्रेरणा ग्राम संगठन उमरा को भी 5.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने का आरोप है।
महिलाओं का दावा है कि 107 ग्राम संगठनों में से 23 ग्राम संगठनों को करीब चार करोड़ रुपये की धनराशि दी गई। उनका कहना है कि शिकायत के बाद जांच कराई गई और जांच में गड़बड़ियां भी मिलीं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिलाओं ने डीसी एनआरएलएम पर मामले को दबाने की कोशिश का भी आरोप लगाया।
महिलाओं ने यह भी कहा कि लंबे समय से पुराने पदाधिकारी ही कार्य कर रहे हैं। चुनाव काफी समय से लंबित हैं, इसलिए जल्द चुनाव कराए जाएं।
बीएमएम पर गंभीर आरोप, हटाने की मांग
दोपहर बाद दूसरे पक्ष की महिलाएं भी विकास भवन में डीसी एनआरएलएम के पास पहुंचीं। महिलाओं ने डीसी को पत्र देकर निघासन के बीएमएम (ब्लॉक मिशन प्रबंधक) पर अभद्रता और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए। उनका कहना था कि वह महिलाओं से भड़ककर बात करते हैं। उधर, बीएमएम आशीष दीक्षित ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने हाल ही में निघासन का चार्ज संभाला है। वह नियमों के अनुसार कार्य कराने की बात करते हैं, लेकिन कुछ महिलाएं अपने तरीके से काम कराना चाहती हैं। इसी नाराजगी में उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
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बेलरायां सीएलएफ की जांच अभी जारी है। प्रथम दृष्टया गड़बड़ियां भी सामने आ रही हैं। पूरी जांच होने के बाद मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वसूली भी कराई जाएगी। पुराने पदाधिकारियों को बदलने की प्रक्रिया भी शुरू करा दी गई है।
-जितेंद्र कुमार मिश्रा, डीसी एनआरएलएम