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Lakhimpur Kheri News: आम के बौर में खर्रा और भुनगा रोग लगने की आशंका

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बांकेगंज में आम के पेड़ में लगा बौर। स्त्रोत-संवाद।
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बांकेगंज। फलों के राजा कहे जाने वाले आम के बाग इस साल बौर से लदे हुए हैं। इससे बीते साल के सापेक्ष इस साल आम की अच्छी आमद की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन बदले मौसम के बीच किसानों को सतर्क रहने जरूरत है।
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आम के बौर में इन दिनों खर्रा और भुनगा जैसे रोग लगने की आशंका बढ़ी है। जिसे देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को फसलों की विशेष देखभाल की नसीहत दी है।
क्षेत्र में करीब 50 किसान ऐसे होंगे, जो आम की बागवानी करते हैं। फाल्गुन मास के चढ़ते ही आम के पेड़ों पर खूब बौर लदे हुए हैं। पेड़ों को देखकर किसान जहां उत्साहित है, वहीं इस बार आम की ज्यादा पैदावार होने की उम्मीद जताई जा रही है। इधर कई दिनों से मौसम का मिजाज बदला है और हवाओं की रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रतिघंटा है। इससे आम के बौर को नुकसान होने की आशंका को बल मिल रहा है।
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जिला उद्यान अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने बताया कि बौर में खर्रा रोग लगता है। इसमें बौर सूख जाते हैं। इससे उनमें दाने नहीं पड़ते। यदि बौर सूखने लगे तो विशेषज्ञों की सलाह पर घुलनशील गंधक पांच से दस फीसदी का घोल बनाकर छिड़काव करें। इसी तरह भुनगा रोग से बचाव के लिए डाईमेथ्लेट या रोगार दवा दो मिली लीटर का एक लीटर पानी में घोल बनाकर उसे छिड़काव करें। इससे रोग नहीं लगेगा।
पेड़ पर न चढ़ें चींटियां... लगाएं गेरू का लेप
आम के बौर को कभी-कभी चींटियां नुकसान पहुंचाती हैं। इससे किसान चिंतित रहते हैं। ये चींटियां पेड़ पर न चढ़ सकें, इसके लिए किसान एक किलो गेरू, दो लीटर जला मोबिल व ढाई सौ ग्राम चूना मिलाकर तने पर लेप लगाकर छोड़ दें। इससे चींटियां पेड़ पर नहीं चढ़ पाएंगी और उत्पादन अच्छा होगा।
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