नाला सफाई के नाम पर जारी है रस्मअदायगी, हर साल खर्च होती है लाखों की रकम
लखीमपुर खीरी। मौसम विभाग के मुताबिक मॉनसून आने में महज एक पखवाड़ा यानी 15 दिन ही शेष हैं। बावजूद इसके नगर पालिका प्रशासन अब तक नाला सफाई पूरी नहीं करा सका है। यहां बता दें कि शहर में करीब 2000 (52 बड़े नाले) नाले-नालियों की तलीझाड़ सफाई अभी बाकी है, जो पालिका प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।
नगर पालिका हर साल नाले-नालियों की सफाई कराती है, लेकिन हालात देखकर तो ऐसा लगता है कि नाले की बजाय खजाने की सफाई होती रही, क्योंकि शहर में ऐसी कोई नाली या फिर नाला नहीं है कि जो गंदगी से पटा न हो। इनकी स्थिति देखकर आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिछले सालों में इनकी सफाई सिर्फ कागजों पर ही हुई। इधर, मॉनसून सिर पर है। मगर, एक भी नाले की पूरी तरह से सफाई नहीं पाई है। ऐसे में हर साल की तरह इस बार भी नगरवासियों से लेकर जिले पर आने वालों को बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से जूझने के लिए तैयार रहना होगा।
15 दिन में कैसे साफ हो पाएंगे 2000 नाले नालियां
नगर पालिका में 30 वार्ड हैं। जलनिकासी के लिए छोटे बड़े मिलाकर कुल 2000 नाले-नालियां हैं। इनमें बडे़ नालों की संख्या 52 है। इनकी लंबाई कई किलोमीटर में है। प्रभारी मंत्री की फटकार के बाद पालिका प्रशासन ने नालों की सफाई करानी तो शुरू कर दी, लेकिन 15 दिन में बड़े 52 नालों की तलीझाड़ सफाई हो पाना ही मुमकिन नहीं है।
बारिश में फल मंडी का डूबना तय
फल मंडी से होकर निकलने वाला नाला शहर का प्रमुख नाला है। मगर, इसके दोनों तरफ इस कदर अतिक्रमण है कि इसका मलबा निकालना नामुमकिन है। एक तरफ लोगों ने मकान बना लिए हैं तो दूसरी तरफ पक्की दुकानें। ऐसे में बारिश के दौरान फल मंडी का डूबना तय है।
गंदगी से पटा है किराना मंडी का नाला
किराना मंडी का नाला गंदगी से पटा है। नियमित सफाई न होने से झाड़ तक उग आई है। गंदगी के कारण नाला पूरी तरह से चोक है। इससे इसका पानी निकलना मुश्किल है। ऐसे में बरसात से पहले यदि इसकी सफाई न हुई तो किराना मंडी तालाब बन जाएगी।
मछली मंडी में तो नाला ही नहीं
फल मंडी से होकर निकले नाले की आगे बढ़कर स्थित और भी खराब है। मछली मंडी तक पहुंचते-पहुंचते नाला ही गायब हो गया है। मलबा आदि पड़ने से नाला पूरी तरह से पट चुका है। इसकी यह स्थिति सफाई के दावों की पोल खोल रही है। इसकी वजह से जलभराव होना तय है।
गंदगी से पटा है आर्यकन्या डिग्री कॉलेज के सामने का नाला
आर्यकन्या डिग्री कॉलेज के सामने का नाला काफी गहरा है, लेकिन यह भी मलबे से पटा है। फल मंडी से होते हुए यह नाला शहर के बाहर निकलता है। मगर, गंदगी से पटे होने के कारण बारिश के दौरान जलनिकासी न होने से तमाम मोहल्लों में पानी भराता है।