अव्यवस्थाओं के बीच हुई बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा
देश का हर व्यक्ति शिक्षित हो, साक्षर हो, इसके लिए रविवार को साक्षर भारत मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर निरक्षरों की बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा संपन्न हुई। परीक्षा में अव्यवस्थाएं हावी रहीं, वहीं साक्षर भारत मिशन की पोल भी खुली। कई स्थानों पर पढ़े लिखे लोगों ने निरक्षरों की परीक्षा दी। कई स्थानों पर तो संख्या बढ़ाने के लिए प्रेरकों ने अपने रिश्तेदारों को परीक्षा बैठा दिया। यही नहीं, प्रेरकों ने कई निरक्षरों की कापियां भी खुद लिख डालीं।
शहर से सटे प्राथमिक विद्यालय सलेमपुर कोन में परीक्षा केंद्र पर एक भी परीक्षार्थी नहीं मिला। यहां प्रेरक रमेश वर्मा उत्तर पुस्तिका लेकर बैठे परीक्षा देने वाले निरक्षरों का इंतजार करते मिले। उन्होंने बताया कि 50 निरक्षर ग्रामीणों को साक्षर बनाया है, लेकिन कुछ लोगों के खेत अथवा किसी अन्य काम में व्यस्त होने के कारण परीक्षा देने नहीं आ सके। दिन में एक बजे तक छह लोगों ने परीक्षा दी थी। उधर शहर से सटे उच्च प्राथमिक विद्यालय राजापुर में 25 निरक्षर से साक्षर हुई महिलाएं परीक्षा देती मिलीं। यहां प्रेरक सुनील कुमार और प्रीति कुमार ने अच्छी तरह पढ़ाई कराई थी और विधिवत परीक्षा होते मिली।
सबसे अधिक अशिक्षित आदर्श सांसद गांव में
गोला गोकर्णनाथ के ब्लाक बांकेगंज की तुलना में आदर्श सांसद गांव पुनर्भूग्रंट में निरक्षरों की संख्या आधे से अधिक है। यहां प्रेरक पार्वती और रफी अहमद ने 1144 निरक्षर चिह्नित किए थे जिन्हें साक्षर बनाने के लिए मिशन की ओर से 110 स्वयंसेवक शिक्षक चयनित किए गए थे। इनमें प्रत्येक शिक्षक को कम से कम 10 निरक्षरों को साक्षर करने की जिम्मेदारी थी, जिसकी प्राथमिक विद्यालय पुनर्भूग्रंट में मूल्यांकन परीक्षा कराई गई। शिक्षा विभाग के निर्देशन में मिशन की ओर से प्राथमिक विद्यालय में एक साथ 1144 लोगों की परीक्षा होने से अव्यवस्था होना कोई बड़ी बात नहीं थी। इसी के चलते यहां काफी अव्यवस्था रही।
हर जगह हावी रहीं अव्यवस्थाएं
निघासन के ब्लाक की 66 में 59 ग्राम पंचायतों में साक्षरता की परीक्षा हुई। इस परीक्षा में तीन हजार निरक्षर से साक्षर हुए लोगों को बैठना था। ग्राम पंचायत गुलरिहा पत्थर शाह, मदनापुर, खैरहनी आदि में काफी अव्यवस्थाओं के बीच परीक्षा हुई। इन ग्राम पंचायत के स्कूलों में परीक्षा देने के लिए लोग आकर बैठे रहे, लेकिन अध्यापक देर से पहुंचे। उधर ब्लाक बांकेगंज की न्याय पंचायत कुकरा की आठ ग्राम पंचायतों के अलावा रजागंज और मोहम्मदी के अमीरनगर में भी अव्यवस्थाओं के बीच परीक्षाएं संपन्न हुईं।
तुरंत कराया गया परीक्षार्थियों का पंजीकरण
गोला गोकर्णनाथ में पुनर्भूग्रंट प्राथमिक विद्यालय में 1144 निरक्षरों की परीक्षा कराने से पूर्व परीक्षार्थियों का पंजीकरण कराया गया। परीक्षा से पूर्व परीक्षार्थियों का पंजीकरण होना चाहिए था। ऐसी व्यवस्था सभी परीक्षाओं में है किंतु तुरंत परीक्षार्थियों का पंजीकरण होना पहली बार दिखा।
पढ़े लिखों ने दी निरक्षरों की परीक्षा
गोला गोकर्णनाथ में एक ही गांव से एक साथ 1144 निरक्षरों को एक ही जगह पर एकत्र कराकर उनकी परीक्षा कराना कठिन है ऐसे में कोरम पूरा कराने के लिए एमए पास सुधीर शुक्ला, बीए पास संगीता देवी, बीएससी के छात्र जमसाद, इंटर के छात्र रहीमुद्दीन, हाईस्कूल के छात्र कलीम सहित तमाम पढ़े लिखे लोगों ने निरक्षरों की परीक्षा दी। तब भी कोरम पूरा न होने से स्वयंसेवक शिक्षकों ने अपनी माताओं को परीक्षा में बैठाना पड़ा।
दिव्यांग को खींच लाई पढ़ने की चाहत
गोला गोकर्णनाथ में गांव के मोहल्ला इस्लाम नगर कॉलोनी निवासी दिव्यांग वकील अहमद को पढ़ने की चाहत में साक्षर मिशन परीक्षा दी है। बताया कि वह सिलाई का काम करते हैं। उम्र अधिक होने के कारण स्कूल नहीं जा सकते पर घर पर पढ़ने से अब लिख और पढ़ सकते हैं।
फैक्ट फाइल:
परीक्षा केंद्र : 995
साक्षरों का लक्ष्य : 50 हजार
परीक्षा दी : 40 हजार से अधिक (अनुमानित)