मृतक ई-रिक्शा चालक के रोते बिलखते परिजन। ग्रामीण
महेवागंज/फूलबेहड़। ई-रिक्शा चालक की सड़क हादसे में हुई मौत के मामले में उसके परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजन ने शव का अंतिम संस्कार करने से मनाकर बुधवार सुबह ग्रामीणों के साथ सड़क जाम करने की कोशिश की। काफी मान मनौवल और मुकदमा दर्ज करने के बाद परिजन माने। करीब 18 घंटे बाद शव का अंतिम हो सका।
सुंदरवल के बसही गांव निवासी ई-रिक्शा चालक मायाराम (45) पुत्र छेददू की मंगलवार सुबह भीरा मार्ग पर बोलेरो कार की टक्कर से मौत हो गई थी। रिक्शा भी क्षतिग्रस्त हो गया था। घरवालों ने पुलिस को सूचना दी थी। पोस्टमॉर्टम के बाद शाम को शव घर पहुंचा। परिजनों ने पुलिस पर मामले में कोई रुचि न लेने का आरोप लगाते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया।
नाराज परिजनों ने बुधवार सुबह ग्रामीणों के साथ लखीमपुर-पलिया मार्ग पर जाम लगाने की कोशिश की। मृतक के बड़े बेटे राहुल ने बताया कि वह कर्नाटक में मजदूरी करने गया था। पिता की मौत की खबर मिलने पर बुधवार को घर पहुंचा। आरोप लगाया कि चौबीस घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने मुकदमा नहीं लिखा। न ही कार चालक को पकड़ा।
हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। वाहन की तलाश में टीम गठित की। काफी मान मनौवल के बाद अपराह्न दो बजे परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। प्रभारी निरीक्षक अवधराज सिंह सेंगर ने बताया कि मुकदमा दर्जकर वाहन की तलाश की जा रही है।