पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर योजना के तहत 66 लोगों को मिली ऋण की दूसरी किस्त
सभी नगर पालिका एवं पंचायत से दूसरी किस्त के लिए 168 लोगों ने किया था आवेदन
लखीमपुर खीरी। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर योजना जिले में रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। कोरोना की रफ्तार धीमी होने के साथ ही पटरी दुकानदारों को ऋण देने की प्रक्रिया भी सुस्त हो गई है। इसकी वजह से दूसरी किस्त के लिए आवेदन करने वाले 168 पटरी दुकानदारों में से सिर्फ 66 लोगों को ही दूसरी किस्त मिल सकी है।
कोरोना संक्रमण काल में पटरी दुकानदारों का कामधंधा बेपटरी हो गया। इससे इनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। परिवार संग भुखमरी की कगार पर बैठे दुकानदारों का कारोबार पटरी पर लाने के लिए प्रधानमंत्री ने स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर योजना शुरू की। इसका उद्देश्य फुटपाथ आदि पर ठेला, खोमचा लगाने वाले पथ विक्रेताओं को बैंक से आर्थिक मदद दिलाकर आत्मनिर्भर बनाना था। योजना के तहत नगर पालिका एवं पंचायत में पंजीकृत पटरी दुकानदारों को दस हजार रुपये के ऋण का प्रावधान था, जिसे मासिक किश्तों में चुकाना था। पहली किस्त समय पर चुकाने के बाद दूसरी किस्त में फिर से दस हजार रुपये मिलने थे। इस तरह पथ विक्रेताओं केे आत्मनिर्भर बनाने के लिए बैंकों से ऋण मुहैया कराना था। योजना की शुरूआत में तो अधिक से अधिक पटरी दुकानदारों को दस हजार रुपये का लाभ मिला, लेकिन दूसरी किस्त के लिए आवेदन करने वाले वेंडर योजना का लाभ पाने के लिए नगर पालिका से लेकर डूडा और बैंकों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
168 में से 85 के ही आवेदन हुए थे स्वीकृत
पहली किस्त की धनराशि अदा करने वाले 168 दुकानदारों ने दूसरी किस्त के लिए आवेदन किया, जिसमें से 85 के ही आवेदन फार्म स्वीकृत हुए। इसमें से मात्र 66 पथ विक्रेताओं को ही दूसरी किस्त के दस हजार रुपये मिले। इसमें सबसे ज्यादा 50 आवेदन नगर पाकिला लखीमपुर और सबसे कम छह आवेदन मोहम्मदी में स्वीकृत हुए, जबकि धौरहरा, ओयल और निघासन से एक भी आवेदन स्वीकृत नहीं हुआ।
पालिका व पंचायत- आवेदन- स्वीकृत- लोन मिला- शेष
लखीमपुर-115--50-42-73
गोला- 21-10-10-11
पलिया-11-नौ- आठ- एक
मोहम्मदी-छह-चार-तीन- एक
बरवर-पांच-चार-तीन-एक
मैलानी-छह- छह-शून्य- शून्य
खीरी-दो-एक-शून्य-शून्य
सिंगाही-दो- एक-शून्य-शून्य
प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर योजना के तहत नगर के 2068 दुकानदारों को लोन मिला था। वहीं दूसरी किस्त के लिए 115 लोगों ने किया आवेदन किया है, जिन्हें बैंकों को भेज दिया गया है। 42 लोगों को लोन मिल भी चुका है। अन्य को किस कारण नहीं मिला है इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
- आरआर अंबेष, अधिशासी अधिकारी