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सातवें दिन कूड़े के ढेर से मिला लापता बच्ची का क्षतविक्षत शव

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घर के पास ही खेलते समय गांव के बच्चों की पड़ी शव पर नजर
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बीते सोमवार को मां के साथ सोते समय हो गई थी लापता, मां ने हाथ में पहनी चूड़ियों से दुधमुंही बच्ची को पहचाना
महेवागंज/सुंदरवल। छत पर मां के साथ सोते समय लापता हुई दुधमुंही बच्ची का शव क्षत विक्षत हालत में सातवें दिन घर से चंद कदम दूर झाड़ियों में पड़ा मिला। हाथ में पहनी चूड़ियों से सुनील की पत्नी नीतू ने अपनी खोयी हुई दुधमुंही शिवानी को पहचान लिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक, फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के मौजमाबाद गांव निवासी सुनील कुमार गौतम की दुधमुंही बच्ची शिवानी सोमवार की रात अचानक लापता हो गई थी। वह अपनी मां नीतू के साथ सो रही थी। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नही लगा था। पुलिस किसी जंगली जीव द्वारा बच्ची को दबोच ले जाने की आशंका जता रही थी, लेकिन वहां किसी जानवर के पगचिह्न न मिलने की बात कहकर वनकर्मियों ने इस आशंका को खारिज कर दिया था।
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बृहस्पतिवार को एसपी ने भी मौका मुआयना कर बच्ची को जल्द तलाश करने के निर्देश दिए थे। पुलिस की दो टीमें खोजबीन में जुटी थी। इस बीच रविवार की दोपहर गांव के कुछ बच्चे रास्ते के किनारे खेल रहे थे। तालाब किनारे झाड़ियों में कूड़े के ढेर के पास बांस की छड़ी काटने के दौरान बच्चों को दुर्गंध का अहसास हुआ। तभी बच्चों की नजर एक बच्ची के शव पर पड़ी। देखते ही बच्चों ने शोर मचा दिया। बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। शव के पीठ, बाजू, पैर का मांस किसी जानवर ने खा लिया था और सिर फटा हुआ था। चेहरे से पहचान नहीं हो पा रही थी। हाथ में पहनी चूड़ियों से सुनील की पत्नी नीतू ने अपनी खोयी हुई दुधमुंही शिवानी को पहचान लिया और दहाड़े मार कर रोने लगी। सूचना पर पहुंचे सुंदरवल चौकी प्रभारी लोकेश सिंह राणा ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
प्रभारी निरीक्षक फूलबेहड़ एसएन सिंह ने बताया कि सातवें दिन बच्ची का क्षत विक्षत शव घर से चंद कदम दूर झाड़ियों में बरामद हुआ है। शव देखने से प्रतीत होता है कि किसी जंगली जानवर ने खाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से स्थिति साफ होगी।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट खोलेगी दुधमुंही की मौत का राज
मां के साथ छत पर सोते समय दुधमुंही बच्ची के लापता होने और सातवें दिन उसका क्षत विक्षत शव मिलने पर उसकी मौत पर कयासों और चर्चाओं का दौर जारी है। पुलिस शुरुआत से ही इसे किसी जंगली जानवर की करतूत मान रही है। वहीं मौका मुआयना में वन कर्मियों ने किसी जानवर के पगचिन्ह न मिलने की बात कही थी। हालांकि सोमवार रात पुलिस को किसी से गांव में भेड़िया आने की बात पता चली थी। गांव में जंगली जानवर के पगचिन्ह का कहीं पता नहीं लगा। पुलिस का कहना है कि उस रात बारिश में पगचिन्ह मिट गए होंगे। वहीं ग्रामीण और परिजन घटना में किसी बच्चा चोर गिरोह का हाथ होने का शक जता रहे थे। उधर, लापता बच्ची की लगातार खोजबीन की जा रही थी। पुलिस और परिजन चप्पा चप्पा छान रहे थे। सातवें रोज घर से चंद कदम दूर झाड़ियों में दुधमुंही का सड़ा गला शव मिलने से लोगों के मन में कई सवाल तैर रहे हैं। हालांकि पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
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