मझगईं। मझगईं वन रेंज के चखरा मुंशीगढ़ में आतंक का पर्याय बना तेंदुए भी आखिरकार वनकर्मियों के पिंजरे में कैद हो गया। उसे मझगईं रेंज कार्यालय लाया गया। वहां उसे देखने वालों की भीड़ लगी रही। तेंदुए को कहां और कब छोड़ा जाएगा, शाम तक विभागीय अधिकारी यह तय नहीं कर पाए थे।
मझगईं रेंज के मुंशीगढ़ गांव में तेंदुआ द्वारा दो बालिकाओं व बलदेवपुरवा में युवक के साथ ही चार वर्षीय बालक पर हमला कर उनको घायल कर दिया गया था। इसके बाद वन विभाग ने उसे पकड़ने की पूरी तैयारियां कर लीं थीं। मझगईं व लुधौरी रेंज के अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद मुंशीगढ़ स्थित कब्रिस्तान के पास एक बकरी को बांधकर पिंजड़ा लगाया गया था।
बृहस्पतिवार की रात तेंदुआ पिंजरे में बकरी को खाने के चक्कर में फंस गया। पिंजरे में फंसे तेंदुआ को देखने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाया। इस पर मझगईं थाना प्रभारी दयाशंकर द्विवेदी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और भीड़ को हटाकर तेंदुए को मझगईं रेंज कार्यालय पहुंचाया। यहां भी भीड़ लग गई।
कार्यालय का मुख्य गेट बंद होने के कारण भीड़ भीतर नहीं जा सकी। वनकर्मियों ने बताया कि बकरी को तेंदुआ आधा ही खा पाया था। उधर, तेंदुए के पकड़े जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। पूरे रेस्क्यू अभियान में लुधौरी रेंजर गजेंद्र बहादुर सिंह, मझगईं रेंजर अंकित सिंह, वन दरोगा राजेंद्र कुमार वर्मा, मनोज यादव, भूपेंद्र सिंह, घनश्याम, कलाम, विनोद, अजीम समेत टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के जवान भी मौजूद रहे। देर शाम तक तेंदुए को मझगईं वन कार्यालय में ही रखा गया था।
बाघ ने बछिया पर किया हमला, बाल-बाल बचा किसान
- घारी में सो रहा था किसान, लोगों ने रात जागकर काटी
संवाद न्यूज एजेंसी
मझगईं। बघइया गांव में एक बाघ ने बछिया को मार डाला। वहीं घारी में सो रहा किसान बाल-बाल बच गया। ग्रामीणों ने बाघ के खौफ में सारी रात जागकर काटी।
मझगईं रेंज के बघइया गांव में बीती रात करीब आठ बजे रोशनलाल की घारी में बंधी बछिया पर बाघ ने हमला कर उसे मार डाला। पास में ही सो रहे रोशनलाल ने अचानक हुए हमले के बाद भागकर अपनी जान बचाई। बृहस्पतिवार रात में हुई घटना से गांव में सनसनी फैल गई। लोगों ने मामले की सूचना वन विभाग को दी। इसके बाद वनकर्मियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर पटाखे दागे, जिससे बाघ गन्ने के खेतों में घुस गया। रेंजर अंकित सिंह से फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन उनसे बात संभव नहीं हो सकी।
चौखड़ा फार्म में पकड़े गए बाघ को करतनिया घाट भेजा
मझगईं। मझगईं वन रेंज के चौखड़ा फार्म में पिंजड़े में कैद हुए बाघ को करतनिया घाट छोड़ने के लिए भेजा गया है। दो दिनों से वह मझगईं रेंज कार्यालय में ही रखा गया था।
बुधवार को पकड़े जाने के बाद बड़ी सुरक्षा के बीच उसे मझगईं रेंज कार्यालय लाकर रखा गया था। यहां करीब 36 घंटे रहने के बाद उसे शुक्रवार सुबह आठ बजे मझगईं रेंज कार्यालय से करतनिया घाट लेकर जाया गया। उक्त बाघ द्वारा रजागंज में मजदूर बाबूराम के साथ ही करीब एक दर्जन गोवंशों को मार चुका था। रवाना होने से पहले उसको नहलाया गया और सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसको ले जाया गया। संवाद