दुधवा जंगल में आराम करते बाघ। स्त्रोत-वन विभाग।
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व में दिसंबर से शुरू होने वाली बाघों की आंतरिक गणना की तैयारियां जोरों पर हैं। गणना चार चरणों में होगी। इसमें तकनीकी रूप से डब्ल्यूडब्ल्यूएफ भी सहयोग करेगा।
दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघों की गणना के लिए चिह्नित स्थानों पर कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए करीब 300 कैमरों की व्यवस्था की गई है, जिन्हें अलग-अलग चार चरणों में स्थापित किया जाएगा। पहले चरण में किशनपुर सेंक्चुरी में बाघों की गणना होगी। जहां यह सभी कैमरे लगाए जाएंगे। निर्धारित समय तक कैमरे लगे रहने के बाद उनमें ट्रैप हुईं तस्वीरों को कंप्यूटर में अपलोड करने के बाद यही कैमरे दूसरे चरण में बफरजोन की मैलानी रेंज में लगेंगे।
तीसरे चरण में दुधवा नेशनल पार्क और चौथे चरण में कतर्निया घाट वन्यजीव विहार में लगाए जाएंगे। बाघों की संख्या का अनुमान कैमरों से प्राप्त तस्वीरों के वैज्ञानिक विश्लेषण से किया जाएगा।
कैमरों में कैद हुई बाघों की तस्वीर को दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) देहरादून भेजेगा। भारतीय वन्यजीव संस्थान चित्रों में मिली बाघों की धारियों का मिलान करके विश्लेषण करेगा। इस सब पूरी प्रक्रिया में करीब छह माह का समय लग सकता है।
बाघों की आंतरिक गणना की तैयारियां जोरों से चल रहीं हैं। दिसंबर में गणना चार चरणों में होगी। बाघों की संख्या का अनुमान भारतीय वन्यजीव संस्थान धारियों का मिलान कर करेगा। - ललित कुमार वर्मा, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व