लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड के प्रत्यक्षदर्शी व हिंसा में घायल हुए तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तेजेंद्र सिंह विर्क ने अपने चार साथियों के साथ बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में बयान दर्ज कराने पहुंचे। तेजेंदर सिंह विर्क ने पत्रकारों से बताया कि मौत को उन्होंने बड़े करीब देखा है। वह और अन्य तीन साथी बुरी तरह घायल हुए थे, लेकिन उन्हें इलाज का मुआवजा तक नहीं मिला।
तराई किसान संगठन के अध्यक्ष और संयुक्त किसान मोर्चा में सदस्य तेजेंदर सिंह विर्क निवासी रुद्रपुर, उत्तराखंड बताया कि तीन अक्तूबर 2021 को तिकुनिया में किसानों के प्रदर्शन में शामिल हुए थे, जिसमें थार गाड़ी से उन्हें कुचल दिया गया था और वह बुरी तरह घायल हुए थे। उन्होंने बताया कि वह लोग तीन अक्तूबर को किसान मोर्चा के आह्वान पर जुटे थे और तीन बजे अपना प्रदर्शन खत्म कर वापस जा रहे थे। बताया कि किसान काले झंडे दिखाकर घर जाने की कोशिश में थे कि इसी बीच केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र की गाड़ी ने उन्हें रौंद दिया। बताया कि उनके साथी गुरजीत सिंह निवासी बिलासपुर, रामपुर और हरपाल सिंह निवासी दिनेशपुर ऊधम सिंहनगर उत्तराखंड व हरदीप सिंह निवासी बिलासपुर रामपुर बुरी तरह घायल हुए थे। बताया कि उन्हें बहुत ही गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से वह रुद्रपुर चले गए थे, जबकि बाद में उन्होंने मेदांता गुरुग्राम में अपना इलाज कराया। तेजेंद्र सिंह विर्क बताते हैं कि, उन्होंने अपने खर्चे पर इलाज कराया। शासन ने घायलों को दस लाख की मुआवजा राशि का जो एलान किया था, घायलों को वह भी नहीं दिया गया। बताया कि सिर्फ 161 के बयान हुए हैं। 164 के बयान होने हैं। अस्वस्थ होने के बावजूद उन्हें बुलाया जा रहा है। उनकी मांग है कि गृह राज्य मंत्री का इस्तीफा जब तक नहीं होगा तब तक निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पहले दिन से उच्चतम न्यायालय इस केस की निगरानी कर रहा है। न्याय होना चाहिए। मृत्यु किसी की भी दुखद है। पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करेंगे। विवेचक विद्याराम दिवाकर तेजेंद्र सिंह विर्क और उनके साथियों के बयान दर्ज नहीं हो सके हैं। हालांकि तीन अन्य लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं।