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जिला अस्पताल से दोनों शव लेकर चले गए किसान

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अस्पताल में घायलों से मिलने पहुंचे सपा जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह यादव।
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किसानों के आक्रोश को लेकर देखते हुए इमरजेंसी स्टाफ शवों को नहीं पहुंचा सरा मोर्चरी तक

लखीमपुर खीरी। निघासन की हिंसा में घायल तीन लोगों को लेकर साथी किसान रविवार शाम जिला अस्पताल पहुंचे। वहां पर डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया। वहीं एक की हालत गंभीर होने के कारण उसे लखनऊ रेफर कर दिया। साथी किसान दोनो शवों का पोस्टमार्टम कराए बिना ही साथ लेकर चले गए। किसानों का कहना था कि राकेश टिकैत के आने के बाद ही आगे कुछ होगा। किसानों के आक्रोश को लेकर देखते इमरजेंसी स्टाफ शवों को मोर्चरी में बंद कराने का जहमत नहीं उठा सका।
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रविवार को हुई हिंसा में 25 वर्षीय लवप्रीत सिंह पुत्र सतनाम सिंह निवासी चौखड़ा फार्म, किसान संयुक्त मोर्चा गजरौला के सदस्य तजिंदर सिंह विर्क सहित एक अज्ञात अधेड को लेकर साथी किसान जिला अस्पताल पहुंचे। अज्ञात अधेड सहित लवप्रीत सिंह को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। तजिंदर सिंह की हालत नाजुक होने के चलते उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने मृतकों के शव मोर्चरी में रखवाने का प्रयास किया। मगर, साथी किसान दोनो शवों को साथ लेकर घटनास्थल की ओर लेकर निकल गए। बताते हैं कि किसान नेता राकेश सिंह टिकैत के आने के बाद साथी किसान शवों का पोस्टमार्टम और दाह संस्कार करने को तैयार हैं। उधर, घायल तजिंदर सिंह विर्क को भी साथी इलाज के लिए लखनऊ की बजाय उत्तराचंल लेकर गए है। घटना की सूचना पर सपा जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल सहित भाकपा माले की कृष्णा अधिकारी ने जिला अस्पताल पहुंचकर किसानों को ढांढस बंधाया।
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