लखीमपुर खीरी। दो दिनों बाद ही मौसम के तेवर बुधवार को फिर से बदले नजर आए। सुबह से रिमझिम बारिश शुरू हुई और शाम तक लगातार बारिश होती रही। इससे लोगों को घरों में ही छिपकर रहना पड़ा। बाजार में सन्नाटा छाया रहा। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को धूप निकलने और मौसम साफ रहने की संभावना जताई है।
तराई में ठंड, शीतलहर व गलन का असर कम नहीं हो रहा, बल्कि लगातार बढ़ रहा है। दो दिनों में मौसम सामान्य होने लगा था, जिससे कामकाज ढर्रे पर लौटने की उम्मीद थी। इसके उलट बुधवार को सुबह से बारिश शुरू हुई, जो थोड़ी देर के लिए नही रुकी। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इस बारिश से सरसों, लाही और आलू की फसल को नुकसान पहुंचा है। खेतों में पानी भर गया है। हालांकि गेहूं के लिए बारिश फायदेमंद मानी जा रही है। बुधवार को अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि पश्चिमी विछोभ के कारण अचानक बादल छाए, जिससे प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। अब बृहस्पतिवार और शुक्रवार को धूप निकलेगी। जिला कृषि अधिकारी अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि जिन खेतों में सरसों, लाही तैयार हो गई है, उनमें फसल को नुकसान हुआ है। बीमित किसानों को 72 घंटे के अंदर सूचना दर्ज करानी है, जिससे उन्हें मुआवजा दिलाया जा सके। इसके लिए तहसीलवार काउंटर खोले गए हैं। गेहूं के लिए बारिश फायदेमंद है।
छुट्टी के बाद भीगते हुए निकले विद्यार्थी
गोला गोकर्णनाथ। सुबह से शुरू हुई रिमझिम बरसात ने मौसम में ठंड बढ़ा दी। गांव के गली गलियारे कीचड़ युक्त हो गए। मौसम से जहां सर्दी बढ़ी है वहीं किसानों को सरसों, गेहूं की फसल के नुकसान की भी चिंता सताने लगी है। ममरी। बुधवार सुबह से रिमझिम बरसात का क्रम जारी रहने शीत लहर के चलने से गलन और बढ़ गई है। वहीं किसानों के खेतों में खड़ी लाही, मसूर की फसल को नुकसान पहुंचा है। बरसात से गेहूं की फसल को लाभ पहुंचा है। स्कूली बच्चों को भीगते हुए घर जाना पड़ा।
रोशननगर। फरवरी का पहला सप्ताह गुजर चुका है, लेकिन ठंड से निजात नहीं मिल रही है। मौसम में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिन से निकल रही धूप के बाद बुधवार को फिर अचानक मौसम खराब होने से क्षेत्र में हुई बारिस से किसान चिंतित दिख रहे हैं।
लाही, सरसों, मटर, मसूर, आलू की फसल को नुकसान
मैलानीमोहम्मदी/बरबर। हफ्ते भर में ही दूसरी बार बुधवार को हुई बारिश से क्षेत्र में लाही, सरसों, मटर और आलू की फसल को बेहद नुकसान हुआ है। बेमौसम हो रही बारिश से किसानों की चिंताएं अब और बढ़ गई हैं। किसानों का कहना है कि प्रकृति की मार ने इस बार उनकी कमर ही तोड़ दी है। पहले तीन फरवरी को यहां बारिश के साथ ही ओलावृष्टि भी हुई थी। चार दिनों बाद ही बुधवार को मौसम ने फिर पलटी मार दी और यहां सुबह नौ बजे से ही बारिश शुरू हो गई। लिहाजा रही सही कसर इस बारिश ने पूरी कर दी।
इससे किसानों अब फसलें पूरी तरह चौपट होने की आशंका सताने लगी है। किसानों का कहना है कि पहले हुई बारिश का पानी खेतों में सूख भी नहीं पाया था कि पुन: हुई बारिश से अब इन फसलों को ईश्वर ही बचा सकता है। मोहम्मदी क्षेत्र के जिन किसानों ने टमाटर लगाये है। उन किसानों की बेमौसम वारिश ने धड़कने बढ़ा दी। किसानों का कहना है। कि इस बरसात से टमाटर, सरसों, आलू की फसल को काफी नुकसान हो रहा है। मिर्जा शकील वेग किसान का कहना है। पिछले वर्ष 6 वीघा टमाटर लगाया था। जिसमे कोविड 19 के चलते घाटा हो गया था। इस बार 15 बीघा टमाटर लगाया है।
अमीरनगर में आसमान में बादल छाए रहे हवाओं के साथ पूरा दिन रुक रुक कर बारिश होती रही। बिजुआ मेें भी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। लाही की फसल पानी भर जाने से खराब हो गई है गेहूं की फसल भी खराब हो रही है गन्ने की फसल खेतों में फंस गई है छिलाई नहीं हो पा रही है। बेहजम में लाही सरसों की तैयार फसल हो रही बर्बाद मेहनत और पसीने से काम करने से जो फसल कटने पर है।
संपूर्णानगर में बारिश से गिरी लाही की फसल।- फोटो : LAKHIMPUR