मितौली। बुजुर्ग दंपती की गला दबाकर हत्या के मामले में बुधवार को पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मृतक दंपती की बहू, पौत्र बहू और नाबालिग प्रपौत्र ने संपत्ति के लालच में हत्या की थी। बुजुर्ग दंपती अपनी बेटियों को जमीन देना चाहता था, जोकि इन लोगों को मंजूर नहीं था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
पश्चिम मोहल्ला निवासी बुजुर्ग दंपती श्रीराम शुक्ला (95) और उनकी पत्नी विमलेश्वरी देवी (90) के शव संदिग्ध परिस्थितियों में सोमवार को बिस्तर पर मिले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मृत दंपती की बेटी रीना पत्नी बृजेश वाजपेयी निवासी महोली की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने हत्या की आरोपी बहू मनोरमा, पौत्र वधु सुनीता उर्फ नीतू को मितौली कस्बे के प्राइमरी स्कूल के पास से, जबकि हत्याकांड में शामिल नाबालिग आरोपी प्रपौत्र को बड़ी नहर भंडेवरा के पास से पकड़ लिया।
पुलिस का कहना है कि तीनों ने मिलकर संपत्ति के लालच में बुजुर्ग दंपति की तीन मार्च की रात नौ बजे के करीब गला दबाकर हत्या कर दी थी और दोनों शवों को तख्त पर बिस्तर लगाकर मच्छरदानी के अंदर लिटा दिया, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने बताया कि बुजुर्ग दंपती अपनी जमीन बेटियों को देना चाहते थे। इस फैसले से घर वाले नाखुश थे। जिससे नाराज होकर उनकी गला दबाकर हत्या दी।
एसओ सुनीत कुमार ने बताया कि मनोरमा, सुनीता व नाबालिग प्रपौत्र ने जुर्म कबूल किया है। इन लोगों की निशानदेही पर बिस्तर के नीचे से दो गमछे भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मनोरमा और सुनीता को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया, जबकि नाबालिग आरोपी को बालसुधार गृह भेजा गया है।
22 बीघा जमीन बची थी बुजुर्ग के पास - मृतक श्रीराम शुक्ला के पास 40 बीघा जमीन थी। 18 बीघा जमीन अलग रह रहे अपने इकलौते बेटे शैलेंद्र के नाम कर दी थी। बाकी बची 22 बीघा जमीन को बुजुर्ग श्रीराम अपनी बेटियों को देना चाहते थे। उनकी चार बेटियां थीं, जिसमें सुनीता की मौत हो चुकी है। रानी, रीना और बिटौआ को वह अपनी बची जमीन देना चाहते थे। इस बात का परिजन विरोध कर रहे थे।
आए दिन जमीन को लेकर कहासुनी भी हो जाती थी। मृतक दंपती अपनी कुछ जमीन का किसी को बैनामा करने वाले थे। पता लगते ही उनकी हत्या कर दी गई। मृतक के इकलौते बेटे शैलेंद्र ने बताया कि वह पिता से 18 बीघा जमीन पाकर संतुष्ट थे। उनकी पिता से किसी प्रकार की कोई रंजिश नहीं थी। 18 बीघे जमीन में से उन्होंने 11 बीघा जमीन अपने इकलौते बेटे कौशल को दे दी थी। कौशल ने करीब 6 माह पहले घरेलू कलह के चलते जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी।
बुजुर्ग माता-पिता की मौत से टूट गया बीमार बेटा- मृतक दंपती श्रीराम शुक्ला और विमलेश्वरी देवी के इकलौते बेटे शैलेंद्र शुक्ला काफी दिनों से बीमार चल रहे हैं। बीमारी के कारण वह चलने फिरने में भी असमर्थ हैं। माता-पिता की हत्या में पत्नी, बहू और पोते के जेल जाने के बाद वह टूट से गए हैं। शैलेंद्र के कंधों पर अपने इकलौते मृत बेटे कौशल के बच्चों का भी भार आ गया है। अब घर में ऐसा कोई नहीं बचा है जो बीमार शैलेंद्र व उनके बच्चों की परवरिश कर सके।